किसानों को उच्च नस्ल के फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ से क्लीन प्लांट स्थापित होगा: कृषि मंत्री

गौचर, 29 दिसंबर (गुसाईं)। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड के काश्तकारों को उच्च नस्ल के फलदार पेड़-पौधे उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे बागवानी क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलेगी।
सोमवार को गौचर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार वैज्ञानिकों की एक टीम गठित कर रही है, जो कम भूमि में अधिक उपज प्राप्त करने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। साथ ही इंटीग्रेटेड खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बंदरों, सुअरों और भालुओं से फसलों को होने वाले नुकसान का जिक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि घेरबाड़ (फेंसिंग) के लिए 90 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की नई विकसित भारत योजना के तहत बजट प्रावधान बढ़ाकर 151 करोड़ रुपये किया गया है। मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस योजना में भ्रष्टाचार की बू आती थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने 309 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 1228 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों हेतु 1706 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी उत्पादन बढ़ाने के लिए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय कृषि मंत्री और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि माल्टा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में 115 करोड़ की लागत से 350 पालीहाउस तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा गेहूं पर 20 रुपये और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल ने की। इस अवसर पर थराली के विधायक भूपालराम टम्टा, रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल, बद्रीनाथ के पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी, जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, गौचर के पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने बद्री गाय की पूजा कर कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।
कार्यक्रम के दौरान कुछ घटनाएं भी चर्चा में रहीं। प्रदेश प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। वहीं संवाद के दौरान पशुपालक सुधीर शैली ने बताया कि उनकी डेयरी में 18 गाय हैं, लेकिन मुख्यमंत्री घस्यारी योजना के तहत मिलने वाली हरी घास बंद होने से उनकी आय आधी रह गई है। इस पर अधिकारी असहज नजर आए। कई महिलाएं बंदरों, सुअरों और भालुओं से फसलों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग करती दिखीं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री के संबोधन से पहले ही दीर्घा का एक बड़ा हिस्सा खाली हो चुका था।
