शिक्षक संघ का आंदोलन: चमोली जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन
–कपरुवाण, राणा, गुसाईं, हरेंद्र-
चमोली, 25 अगस्त।राजकीय शिक्षक संघ प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आज चमोली जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों—ज्योतिर्मठ, पोखरी, थराली, देवाल, नारायणबगड़, गैरसैंण, घाट, कर्णप्रयाग और चमोली—में शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विभागीय नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। सभी ब्लॉकों में शिक्षकों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय परिसर में धरना देते हुए रैली और नारेबाजी की।
धरना कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें शिक्षकों ने प्रमुख रूप से तीन बड़ी मांगें रखीं—
1. सभी लंबित पदों पर शीघ्र पदोन्नति की कार्रवाई शुरू की जाए।
2. प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती के निर्णय को रद्द कर वरिष्ठ शिक्षकों को ही विभागीय पदोन्नति दी जाए।
3. शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन प्रणाली के तहत लागू किया जाए।
ज्योतिर्मठ ब्लॉक
ज्योतिर्मठ में हुए धरना कार्यक्रम का संचालन उमेश चंद्र सती ने किया। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष डी.एस. झिक्वाण ने शिक्षकों से एकजुट रहकर संघर्ष करने का आह्वान किया। सभा को जीआईसी ज्योतिर्मठ के प्रभारी प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह पंवार, विवेक काला, राजेंद्र कंडारी, अनुज कपरुवाण, राजेश थपलियाल, उमेश कपरुवाण, मनमोहन सिंह नेगी, रंजना डिमरी, पूजा नेगी, अमिता नैथानी, संजू नेगी और अतुल उनियाल आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में मनवर सिंह पाल, कुंवर चौहान, गुलाब सिंह राणा, रश्मि डिमरी, अनिल रावत, विपिन बजवाल, आलोक शाह और विक्रम बिष्ट समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
पोखरी ब्लॉक
पोखरी ब्लॉक मुख्यालय में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर पदोन्नति में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। धरना स्थल पर वक्ताओं ने विभागीय ढिलाई को शिक्षकों का अपमान बताया और चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को जिला और राज्य स्तर पर तेज किया जाएगा।
थराली और देवाल ब्लॉक
थराली और देवाल ब्लॉकों में शिक्षकों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों की पदोन्नति को दरकिनार कर सीधी भर्ती की नीति लागू करना शिक्षकों का मनोबल तोड़ने जैसा है। धरना स्थल पर महिला शिक्षिकाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
गैरसैंण और घाट ब्लॉक
गैरसैंण और घाट ब्लॉकों में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार है। वक्ताओं ने मांग की कि स्थानांतरण नीति को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन और मेरिट-आधारित प्रणाली अपनाई जाए।
कर्णप्रयाग और चमोली ब्लॉक
कर्णप्रयाग और चमोली ब्लॉकों में शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी सत्र से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो सकता है। वक्ताओं ने सरकार से शिक्षा विभाग की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सभी ब्लॉकों में शिक्षकों ने सामूहिक रूप से राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो यह आंदोलन राज्यव्यापी उग्र रूप ले सकता है।
