चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी की जन्म शताब्दी पर रैणी में हुआ भव्य समारोह
–प्रकाश कपरुवाण–
ज्योतिर्मठ, 25 अक्टूबर। चिपको आंदोलन की प्रणेता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक प्रतीक गौरा देवी की जन्म शताब्दी के अवसर पर शनिवार को उनकी 100वीं जयंती पर चिपको की ऐतिहासिक धरती रैणी में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया।
समारोह का शुभारंभ राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल, बद्रीनाथ के विधायक लखपत बुटोला, ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया के चेयरमैन विजयपाल बघेल तथा भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल ने गौरा देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संबोधित करते हुए कहा कि गौरा देवी और उनकी साथियों ने उस समय पेड़ों को बचाने के लिए जो साहस व संकल्प दिखाया, वह आज भी विश्व भर में पर्यावरण संरक्षण के आंदोलन के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि चिपको आंदोलन केवल पेड़ बचाने का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह प्रकृति और जीवन के संतुलन को बनाए रखने की मानवीय चेतना का प्रतीक था। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जीवन पद्धति बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बद्रीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे सहित अन्य वन अधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह का संचालन ओमप्रकाश डोभाल ने किया।
कार्यक्रम में बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने गौरा देवी के योगदान को याद करते हुए उन्हें पहाड़ की धरोहर बताया।
महिला मंगल दल की महिलाओं ने स्वागत गीत और पारंपरिक झूमेलो नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में लोक-सुगंध घोल दी।
समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी साह, ग्राम प्रधान दीपक सिंह व दिनेश सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंवर सिंह, एसडीएम जोशीमठ सीएस बशिष्ठ, खंड विकास अधिकारी मोहन जोशी, गौरा देवी की सहयोगी बाली देवी, चन्द्र सिंह, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जोशीमठ के प्रधानाचार्य शंभू प्रसाद चमोला, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक पंकज कुमार, बद्रीनाथ के डीएफओ एस.के. दुबे, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ मातिम यादव, जोशीमठ रेंजर गौरव नेगी, फूलों की घाटी रेंजर चेतना कांडपाल, तथा अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग के रेंजर भरत सिंह नेगी।
