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देहरादून–गौचर हेलीकॉप्टर सेवा 6 दिसंबर से शुरू: अब जहाज में उड़कर जाएंगे लोग अपने  गांव

 

देहरादून/गौचर, 5 दिसंबर। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त उड़ान योजना (UDAN) के तहत देहरादून से गौचर तक हेरिटेज एविएशन की नियमित हेलीकॉप्टर सेवा 6 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रही है। पहली बार गौचर घाटी सीधे राज्य की राजधानी से हवाई सेवा से जुड़ने जा रही है। यह सेवा पर्यटन, चारधाम यात्रा और आपदा राहत क्षमता—तीनों के लिए गेम चेंजर मानी जा रही है।

✈️ रूट और दैनिक उड़ानें

हेलीकॉप्टर रोज़ाना दो-दो फेरे करेगा। हर फ्लाइट में 6 सीटें (5 यात्री + 1 पायलट) होंगी।

रूट—देहरादून से गौचर

सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट → नई टिहरी → श्रीनगर (गढ़वाल) → गौचर

रूट—गौचर से देहरादून

गौचर → श्रीनगर → नई टिहरी → देहरादून

फ्लाइट टाइम टेबल (6 दिसंबर से)

क्रम देहरादून से प्रस्थान गौचर पहुंचना गौचर से प्रस्थान देहरादून पहुंचना

पहली उड़ान सुबह 10:15 बजे सुबह 11:15 बजे दोपहर 12:00 बजे दोपहर 1:45 बजे
दूसरी उड़ान दोपहर 2:30 बजे दोपहर 3:30 बजे शाम 4:00 बजे शाम 5:45 बजे

मौसम के अनुसार 15–20 मिनट का उतार-चढ़ाव संभव है।

💸 किराया (UDAN सब्सिडी के बाद संभावित शुल्क)

देहरादून → गौचर (पूरी उड़ान): ₹4,500–₹5,500 प्रति यात्री

देहरादून → नई टिहरी: ₹2,500–3,000

देहरादून → श्रीनगर: ₹3,500–4,000

अंतिम किराया बुकिंग के समय तय होगा।

🎟️ टिकट बुकिंग ऐसे करें

UDAN की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप

Heritage Aviation की वेबसाइट

हेल्पलाइन: 0135-2644000, 9999999999

सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट टिकट काउंटर

🌄 पर्यटन को बड़ा लाभ

इस सेवा से गौचर से जुड़ने वाले कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी—

बद्रीनाथ धाम

हेमकुंड साहिब

फूलों की घाटी

औली

रुद्रनाथ, कपाटीयान व अन्य ट्रेक्स

जहाँ पहले 8–10 घंटे का लंबा सड़क सफर था, अब वही यात्रा सिर्फ 45–50 मिनट में पूरी होगी।

नई टिहरी झील और श्रीनगर की अलकनंदा घाटी के शानदार एरियल व्यू यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।

🛰️ मौसम व सुरक्षा मानक

  • हेलीकॉप्टर सेवा पूरी तरह मौसम पर निर्भर
  • अक्टूबर–मार्च: संचालन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय
  • मानसून में उड़ानें रद्द होने की संभावना अधिक

🚁 उत्तराखंड का सबसे लंबा हेरिटेज हेली रूट

देहरादून–टिहरी–श्रीनगर–गौचर को जोड़ने वाला यह रूट अब तक की सबसे लंबी हेरिटेज हेली सेवा है। लंबे समय से मांग रही थी कि रुद्रप्रयाग–चमोली–बद्रीनाथ क्षेत्र को किसी न किसी रूप में राजधानी से हवाई संपर्क मिले—यह सेवा उस इंतज़ार को पूरा करने जा रही है।

इस नई शुरुआत से पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।

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