विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित गुरूद्वारे हेमकुंड साहिब के कपाट शीत काल के लिए बंद

-प्रकाश कपरुवाण की रिपोर्ट –
जोशीमठ,11अक्टूबर। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बुधवार को पूरे विधिविधान के साथ शीतकाल के लिए बन्द कर दिए गए, इस अवसर पर पाकिस्तान से आए जत्थे के साथ ही करीब ढाई हजार श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बन्द किए जाने से पूर्व प्रातः दस बजे से सुखमणि साहिब का पाठ शुरू हुआ,साढ़े ग्यारह बजे से शबद-कीर्तन,साढ़े बारह बजे इस वर्ष की अंतिम अरदास एवं ठीक एक बजे पंच प्यारों की अगुवाई व मधुर बैण्ड धुन के साथ पवित्र श्री गुरुग्रंथ साहिब को सतखण्ड मे सुशोभित कर कपाट बन्द किए गए।
इस वर्ष के यात्राकाल मे करीब 1लाख 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर मे स्नान कर हेमकुंड साहिब मे मत्था टेका।
श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक सेवा सिंह के अनुसार श्री हेमकुंड साहिब के कपाट तय मुहूर्त पर पूरे विधिविधान के साथ शीतकाल के लिए बन्द किए गए। इस वर्ष की अंतिम अरदास मे पाकिस्तान के ननकाना साहिब से सरदार काका सिंह के जत्थे के अलावा करीब ढाई हजार श्रद्धालु मौजूद रहे।
मुख्य प्रबंधक सेवा सिंह ने बेहतर यात्रा संचालन मे सहयोग के लिए सेना, जिला प्रशासन,पुलिस, एसडीआरएफ वनविभाग व स्थानीय ग्रामवासियों का ट्रस्ट की ओर से आभार ब्यक्त किया है।
बुधवार को ही लक्ष्मण मंदिर लोकपाल तीर्थ के कपाट भी विधिविधान व मंत्रोच्चार के साथ बन्द कर दिए गए। इस मौके पर पुलना, भ्यूंडार आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।
