आपदा/दुर्घटना

कड़ाके की शीतलहर की आशंका पर सरकार अलर्ट


जिलों को कोल्डवेव एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश

देहरादून, 1 दिसम्बर । शीतलहर से प्रभावी तरीके से निपटने और शीतकालीन यात्रा के सुचारू संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जिले शीघ्र कोल्ड वेव एक्शन प्लान तैयार कर उसे यूएसडीएमए के साथ साझा करें।

सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों को शीतलहर की तैयारियों हेतु धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। यदि किसी जिले को अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो, तो वे तुरंत शासन को डिमांड भेज सकते हैं, जिस पर प्राथमिकता से कार्यवाही की जाएगी।

शीतकालीन यात्रा के लिए विशेष प्रबंध

बैठक में सचिव श्री सुमन ने कहा कि शीतकालीन यात्रा प्रारंभ हो चुकी है, इसलिए यात्रियों को ठंड से किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए।
बर्फबारी की स्थिति में मार्ग अवरुद्ध होने पर यात्रियों के लिए सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।

आवश्यक वस्तुओं का फरवरी 2026 तक भंडारण

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में खाद्यान्न, पेयजल, ईंधन आदि आवश्यक वस्तुओं का फरवरी 2026 तक पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए—

  • चिकित्सकों की सूची व मोबाइल नंबर उपलब्ध रहें,
  • दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रहे,
  • अस्पताल, पीएचसी और एम्बुलेंस 24×7 अलर्ट मोड पर रहें।

रात के समय आवाजाही वाले स्थानों पर अलाव जलाने तथा रैन बसेरों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बेसहारा पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पशुपालन विभाग के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

जनजागरूकता पर जोर

उन्होंने कहा कि शीतलहर से बचाव के उपायों की जानकारी पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार प्रसारित की जाए, ताकि लोग समय रहते सावधानियां अपनाएं।

बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. मोहित पूनिया सहित यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, डॉ. रुचिका टंडन, रोहित कुमार, हेमंत बिष्ट, तंद्रीला सरकार, डॉ. नेहा चौहान एवं धर्मेंद्र कुशवाहा उपस्थित रहे।

गर्भवती महिलाओं का डाटा बेस तैयार रखने के निर्देश

देहरादून। सचिव श्री सुमन ने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जनवरी और फरवरी 2026 में संभावित है, उनका विस्तृत डाटाबेस तैयार रखा जाए।
बर्फबारी के कारण जिन क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो जाती है, वहां से गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल/सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की विशेष योजना बनाई जाए।

सड़क हादसों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम

सचिव ने निर्देश दिए कि—

  • बर्फबारी से बंद होने वाले मार्गों को पूर्व में ही चिन्हित कर आवश्यकतानुसार जेसीबी, स्नो कटर मशीन व टायर चेन की व्यवस्था की जाए।
  • पाला पड़ने वाले संवेदनशील मार्गों पर साइन बोर्ड लगाए जाएं और चूना-नमक का छिड़काव किया जाए।
  • आवागमन बाधित क्षेत्रों में अगले तीन महीनों के लिए राशन, ईंधन, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

शीतलहर से किसी की मृत्यु न हो”—सचिव

उन्होंने कहा कि निराश्रित, मजदूर और खुले में सोने को मजबूर लोग रैन बसेरों में पहुंचाए जाएं।
जिले यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति शीतलहर के कारण जीवन न गंवाए।

इस वर्ष ठंड अधिक रहने की संभावना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने संकेत दिया है कि इस वर्ष शीतकाल सामान्य से अधिक ठंडा रहेगा।
विशेषकर—

  • उत्तर भारत में वर्षा सामान्य से कम रह सकती है,
  • जनवरी 2026 में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम,
  • शीतलहर लंबी अवधि तक रहने की आशंका।

यूएसडीएमए ने लोगों से अपील की है कि मौसम बुलेटिन पर ध्यान दें और बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं व बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करें।

रैन बसेरों में व्यवस्थाएं मजबूत हों

सचिव ने निर्देश दिए कि—

  • रैन बसेरों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर हो,
  • महिला और पुरुषों के लिए पृथक व्यवस्था रहे,
  • प्रत्येक रैन बसेरे के लिए नोडल अधिकारी नामित हो,
  • हीटर, पर्याप्त बिस्तर, गर्म पानी की सुविधा और सुरक्षा के प्रबंध अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों।

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