टनकपुर में मुख्यमंत्री ने रखी ₹300+ करोड़ योजनाओं की आधारशिला

चम्पावत, 7 फरबरी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया।
मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख योजनाओं में शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) ₹10,735 लाख, सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) ₹6,649 लाख, नायरदृखेरा क्षेत्र में आपदा सहनशीलता (डिजास्टर रेजिलिएन्स) के लिए इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास ₹8,523 लाख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त टनकपुर स्थित ग्राम पंचायत बस्तिया में टनकपुर-अस्कोट सीसी मार्ग का पुनर्निर्माण ₹115 लाख, चम्पावत-खेतीखान मोटर मार्ग (एसएच-64) के अंतर्गत सुयालखर्क-पुनावे मिलान मार्ग का सुधारीकरण ₹320 लाख तथा माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण ₹187 लाख का शिलान्यास किया गया।
अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में विकासखंड पाटी में धूनाघाट-बसौट मोटर मार्ग का नवनिर्माण ₹83 लाख, लोहाघाट क्षेत्र में कामज्यूला-भनार-रैघाड़ी मोटर मार्ग का सुधारीकरण ₹666.84 लाख, पाटी विकासखंड के सांगो-घिंघारूकोट-बांस बसवाड़ी मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण ₹89.36 लाख शामिल हैं। इसके साथ ही टनकपुर के ग्राम बेलखेत में कावेराला नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य ₹125.96 लाख तथा तहसील पूर्णागिरि के ग्राम बमनपुरी में हुड्डी नदी से हो रहे भू-कटाव की रोकथाम हेतु सुरक्षा कार्य ₹154.63 लाख की स्वीकृति दी गई।
शिक्षा एवं संस्थागत विकास से जुड़ी योजनाओं में स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लोहाघाट में परीक्षा हॉल निर्माण ₹672.11 लाख, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चहारदीवारी एवं मिनी स्टेडियम निर्माण ₹2,045.78 लाख, कस्तूरबा गांधी छात्रावास टनकपुर का विस्तारीकरण ₹384.50 लाख तथा जिला कमांडेंट होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण ₹224.71 लाख शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना जनपद के सर्वांगीण विकास की आधारशिला सिद्ध होगी और चम्पावत को पर्यटन, आस्था तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इन विकास योजनाओं से सड़क, शिक्षा, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। माँ शारदा ज्ञान, विद्या और संस्कार की प्रतीक हैं तथा उनके पावन धाम के घाटों का विकास करना सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर की धरती पर आते ही उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से उत्तराखण्ड की पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी तथा चम्पावत आने वाले समय में एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने जनसहभागिता, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
