राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने रखे राज्य के अहम प्रस्ताव

नयी दिल्ली, 5 जनवरी । भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख सड़क परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव रखते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग, ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग तथा अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग से संबंधित प्रस्तावों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-07 के अंतर्गत तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबा चार लेन ऋषिकेश बाईपास प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 1,161.27 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में हाथी कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड रोड, चन्द्रभागा नदी पर सेतु तथा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के निर्माण से नेपाली फार्म से ऋषिकेश तक यातायात सुगम होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309बी पर अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग के 76 किमी हिस्से में लगभग 988 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन चौड़ीकरण प्रस्तावित है। वहीं एनएच-109 के अंतर्गत ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग के 235 किमी हिस्से के लिए भी दो लेन चौड़ीकरण का संरेखण प्रस्ताव तैयार किया गया है। एनएच-309ए पर अल्मोड़ा–बागेश्वर–काण्डा–उडियारी बैंड मार्ग के विभिन्न पैकेजों में कुल 84.04 किमी लंबाई में लगभग 1,002 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें काण्डा–बागेश्वर खंड के लिए वनभूमि हस्तांतरण को केंद्र की स्वीकृति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। राज्य की सड़कें न केवल तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि उद्योग, सीमावर्ती सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए 12,769 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग परियोजना स्वीकृत की गई है। उत्तराखण्ड में कुल 3,723 किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें से 597 किमी एनएचएआई द्वारा डिजाइन एवं क्रियान्वित किए गए हैं। अब तक 336 किमी से अधिक सड़क परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि लगभग 193 किमी सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर, देहरादून और हरिद्वार बाईपास, काशीपुर–सितारगंज, रुद्रपुर–काठगोदाम जैसे चार-लेन कॉरिडोर तथा भारत–नेपाल सीमा पर बनबसा आईसीपी कनेक्टिविटी से राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। साथ ही सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ब्लैक स्पॉट सुधार, बेहतर साइनेज और आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मसूरी–देहरादून कनेक्टिविटी, हरिद्वार–हल्द्वानी हाई-स्पीड कॉरिडोर, ऋषिकेश बाईपास, देहरादून रिंग रोड और लालकुआं–हल्द्वानी–काठगोदाम बाईपास जैसी परियोजनाएं डीपीआर चरण में हैं। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में एलिवेटेड रोड और वाइल्डलाइफ अंडरपास जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग का सिविल कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं।
