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उत्तराखण्ड में 5.04 लाख महिलाओं को संगठित कर 65355 समूहों का हुआ गठन

-uttarakhandhimalaya.in-

देहरादून, 19  अक्टूबर ।  ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव, शैलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में आजीविका के अवसरों एवं रोजगार में वृद्धि, बुनियादी ढांचे एवं गरिमापूर्ण आवासीय सुविधा के विकास द्वारा गरीबी उन्मूलन हेतु बहुआयामी रणनीति पर चर्चा हुयी.  जिसमें बताया गया कि   उत्तराखण्ड में ग्रामीण मिशन के अन्तर्गत राज्य में वर्तमान समय तक 5.04 लाख महिलाओं को संगठित कर 65355 समूहों का गठन किया गया है।

बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण मिशन के अन्तर्गत राज्य में वर्तमान समय तक 5.04 लाख महिलाओं को संगठित कर 65355 समूहों का गठन कर उनको उच्च स्तरीय संगठन के रूप में 6705 ग्राम संगठनों एवं 414 कलस्टर स्तरीय संगठनों का गठन किया गया है। 48211 समूहों को रू० 5499.70 लाख का रिवाल्विंग फण्ड, 303147 समूहों को रू0 18761.65 लाख सामुदायिक निवेश निधि एवं वर्तमान समय तक 60274 समूहों को रू0 496.41 करोड़ का बैंक लिंकेज (सी०सी०एल०) / ऋण उपलब्ध करवाकर विभिन्न आजीविका सम्बर्द्धन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। फार्म लाइवलीहुड घटक के अन्तर्गत राज्य में 2.05 लाख महिला किसानों का क्षमता विकास कर 1.33 लाख एग्री न्यूट्री गार्डन, 260 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना एवं 108 उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) के तहत 2193 उद्यमों की स्थापना की गयी है। समूहों के उत्पादों के प्रसंस्करण एवं बाजारीकरण हेतु 24 ग्रोथ सेन्टर, 19 सरस सेन्टर, 04 राज्य स्तरीय, 60 कलस्टर स्तरीय 110 यात्रा आउटलेटों की स्थापना की गयी है। सचिव  को अवगत कराया गया कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना का संचालन किया जा रहा है।

बैठक में श्री गया प्रसाद, उप महानिदेशक (आर.एच.). ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, श्रीमती राधिका झा, सचिव ग्राम्य विकास, श्री बृजेश कुमार संत सचिव समाज कल्याण, श्री आनन्द स्वरूप, अपर सचिव / आयुक्त श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास, श्री नरेन्द्र कुमार जोशी, निदेशक, उसाटा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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