पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत अलर्ट : ईंधन-गैस आपूर्ति सामान्य, कालाबाजारी पर सख्ती
ईंधन आपूर्ति पर सरकार की कड़ी नजर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की संवेदनशील स्थिति के बावजूद देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल, पेट्रोल तथा डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। घरेलू जरूरतों को देखते हुए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। सरकार ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
पैनिक बाइंग से बचें, एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग न करें
केंद्र सरकार ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की पैनिक बाइंग और एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचने की अपील की है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग डिजिटल माध्यमों से करने, डिस्ट्रीब्यूटर के पास भीड़ न लगाने और जहां संभव हो पीएनजी, इंडक्शन व इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकार ने इसे ऊर्जा संरक्षण का भी महत्वपूर्ण समय बताया है।
कालाबाजारी पर सख्ती, 50 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मार्च से अब तक 50 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। 1400 से अधिक एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 36 वितरण केंद्र निलंबित किए जा चुके हैं। सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे दैनिक प्रेस ब्रीफिंग करें, कंट्रोल रूम स्थापित करें और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं पर सख्ती से नजर रखें।
पीएनजी विस्तार और वाणिज्यिक आपूर्ति पर विशेष फोकस
सरकार ने घरेलू पीएनजी और सीएनजी-परिवहन की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया है। रेस्तरां, होटल, कैंटीन, छात्रावास, स्कूल-कॉलेज और सामुदायिक रसोई जैसे संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश जारी किए गए हैं। मार्च 2026 से अब तक करीब 3.6 लाख पीएनजी कनेक्शनों को गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी के लिए संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक आवंटन तय किया गया है और 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री भी बढ़ाई गई है।
समुद्री मोर्चे पर चौकसी, भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी
पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 17 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 460 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। नौवहन महानिदेशालय का 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय है और अब तक 1479 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी कराई जा चुकी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे सुरक्षित वापस लौट आए हैं, जबकि 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से करीब 7.02 लाख यात्री भारत पहुंच चुके हैं। सरकार ने दोहराया है कि स्थिति नियंत्रण में है और जनता को घबराने की नहीं, बल्कि संयम बरतने की जरूरत है।
