Front Pageबिजनेस/रोजगार

बैंकों में जमा राशि के मुकाबले ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश, डिजिटलीकरण और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा

देहरादून,13  फरबरी। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सचिव ने उन जनपदों में सुधार के निर्देश दिए, जहां बैंकों में जमा राशि के मुकाबले ऋण वितरण कम है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बैंक पर्याप्त ऋण नहीं दे पा रहे हैं, वहां ऋण प्रवाह बढ़ाकर स्थानीय व्यापार, कृषि और स्वरोजगार गतिविधियों को समर्थन दिया जाए।

डिजिटल फ्रॉड और साइबर सुरक्षा पर जोर

बैठक में डिजिटल ठगी के मामलों पर चिंता व्यक्त की गई। सचिव ने बैंकों और संबंधित विभागों को साइबर सुरक्षा मजबूत करने, प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने और लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

 

31 मार्च 2026 तक 100% बैंकिंग डिजिटलीकरण का लक्ष्य

सचिव ने निर्देश दिया कि जिन 9 जनपदों में अभी तक बैंकिंग सेवाओं का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण नहीं हुआ है, वहां 31 मार्च 2026 तक यह लक्ष्य पूरा किया जाए। वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी जनपदों में पूर्ण डिजिटलीकरण हो चुका है।

सितंबर 2025 तक राज्य में:

  • 5,77,073 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।
  • 1,08,514 पशुपालकों और 2,947 मत्स्य पालकों को भी केसीसी प्रदान किए गए।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 40,23,448 खाते खोले गए।
  • अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 9,30,058 खाते संचालित हैं।

 

स्वरोजगार, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन

बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष ऋण योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए। आर-सेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुरूप बनाने और प्रशिक्षित युवाओं को कंपनियों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

 

प्राथमिकता क्षेत्र ऋण और योजनाओं की प्रगति

प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत ₹55,174 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹31,994 करोड़ (58%) ऋण वितरण हुआ है। शिक्षा ऋण योजना के तहत 8,850 आवेदकों को ₹202.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।

विभिन्न योजनाओं की प्रगति इस प्रकार रही:

  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: 107% उपलब्धि
  • कृषि अवसंरचना कोष: 77%
  • प्रधानमंत्री अजय योजना: 47%
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: 42%
  • दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना: 25%
  • एमएसएमई0 योजना: 22%

बैठक में विभिन्न विभागों और भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया। सचिव ने लक्ष्य आधारित और समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए, ताकि ऋण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!