टीएमयू में मानवीय मूल्यों पर होगी इंटरनेशनल कांफ्रेंस

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ख़ास बातें:

  • उत्तर प्रदेश, नयी दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के 55 शोधार्थी पढ़ेंगे शोधपत्र
  • यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया की प्रोफेसर ऑफ एथिक्स और गिविंग वॉयस टू वैल्यूज की डायरेक्टर प्रो. मैरी सी जेंटाइल होंगी मुख्य अतिथि
  • कॉन्फ्रेंस सलाहकार, हार्वर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज, यूएसए के प्रोफेसर प्रो. निएन-हे हसीह ने दी सफलता की शुभकामनाएं

  –प्रो. श्याम सुंदर भाटिया

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फ़ैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड कम्प्यूटिंग साइंसेज़-एफओईसीएस में 15 जनवरी को ह्यूमन वैल्यूज़ इन हायर एजूकेशन फॉर हॉलिस्टिक डवलपमेंट – आईसीएचवीएचई-2022 पर एक दिनी ऑनलाइन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है। इस ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के डार्डन स्कूल ऑफ बिजनेस की प्रोफेसर ऑफ एथिक्स और गिविंग वॉयस टू वैल्यूज की डायरेक्टर प्रो. मैरी सी जेंटाइल बतौर मुख्य अतिथि जबकि इग्नाइट ओंटारियो की युवा पादरी मिस हन्ना क्रिस्टी और बॉलीवुड इंडिया के सेंसर बोर्ड की सलाहकार श्रीमती रेबेका चांगकिजा सेमा विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑनलाइन व्याख्यान देंगी। इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के सलाहकार एवं हार्वर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज, एमए, यूएसए के प्रोफेसर प्रो. निएन-हे हसीह ने अपने संदेश के जरिए कॉन्फ्रेंस की सफलता के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।  कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी स्वागत भाषण देंगे। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की कंविनर श्रीमती नेहा आनंद इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की थीम प्रस्तुत करेंगी। कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग का विमोचन भी होगा। कॉन्फ्रेंस के संचालन में कन्वीनर्स डॉ. गुलिस्ता खान और श्रीमती नेहा आनंद समेत आयोजन समिति के सभी सदस्यों की अहम भूमिका रहेगी। सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।

एफओईसीएस के निदेशक एवं प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने कहा, कॉन्फ्रेंस का मकसद उच्च शिक्षा में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर दृष्टिकोण विकसित करना है। प्रो. द्विवेदी ने कहा, स्टुडेंट्स के सर्वांगीण विकास को मानवीय मूल्यों की शिक्षा बहुत जरूरी है। प्रो. द्विवेदी ने उम्मीद जतायी, कॉन्फ्रेंस के दौरान अग्रणी शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शोध विद्वानों की ओर से ह्यूमन वैल्यूज़ इन हायर एजुकेशन फॉर हॉलिस्टिक डवलपमेंट पर होने वाली सार्थक चर्चा मील का पत्थर साबित होगी।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज, एमए, यूएसए के प्रोफेसर प्रो. निएन-हे हसीह ने संदेश के जरिए कहा, शिक्षा का उद्देश्य केवल कुछ कौशलों में महारत हासिल करना नहीं है, बल्कि यह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करना है कि क्या करना है और क्यों करना है । उन्होंने विश्वास जताया, कॉन्फ्रेंस के दौरान की जाने वाली चर्चा कई दृष्टिकोणों को सामने लाएगी और महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालेगी।

इन टॉपिक्स पर प्रस्तुत होंगे रिसर्च पेपर्स

ऑनलाइन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के हेड प्रो. राज कुमार, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राचार्य प्रो. स्वाति पाल, ऊर्जा थियेटर सोसाइटी, बीकानेर, राजस्थान के वरिष्ठ रंगमंच कलाकार श्री अशोक जोशी, डब्ल्यूआईसीसीआई, चंडीगढ़, पंजाब की प्रेसिडेंट और पंजाब स्टेट लाइफ स्किल्स की माइंडसेट परफॉर्मेंस कोच श्रीमती अनुराधा चावला, डब्ल्यूओडब्ल्यू ह्यूमन प्रोजेक्ट, चंडीगढ़, पंजाब की संस्थापक और लाइफ स्किल्स कोच सुश्री वनीत सोढ़ी, चंडीगढ़, पंजाब के लाइफ एंड करियर सक्सेस कोच, लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर श्री सतविंदर सिंह भारतीय, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद, गुजरात के वित्तीय प्रबंधन विभाग के प्रमुख और सहायक प्रोफेसर डॉ. महेश प्रजापति, पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी-पीआईईटी, जयपुर की अंग्रेजी और ह्यूमन वैल्यूज़ और प्रोफेशनल एथिक्स की प्रोफेसर डॉ. रितु सोर्यन, मोदी प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय, लक्ष्मणगढ़, राजस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. आनंद शर्मा, कश्मीर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के हेड और सहायक प्रोफेसर डॉ. जावेद इकबाल भट, सरकारी डिग्री कॉलेज बिजबेहरा अनंतनाग के सीनियर सहायक प्रोफेसर डॉ. सोफी मोहम्मद जुबेर ऑनलाइन व्याख्यान देंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश, नयी दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के 55 से अधिक शोधार्थी अनुसंधान और अभ्यास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉक चेन- विकास अनुप्रयोग और निहितार्थ, शिक्षा, निजी उद्योग और समाज का डिजिटलीकरण, आईसीटी उपयोग के सामाजिक और नैतिक प्रभाव, वर्तमान परिदृश्य में मानवीय मूल्य, मानव मूल्य और जीवन कौशल और सोशल मीडिया और डिजिटल सहयोग जैसे विषयों पर शोध पत्र पढ़े जाएंगे।

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