अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हिमवीरों और उनके परिवारों ने योगाभ्यास किया

–गौचर से दिगपाल गुसाईं —
भारत तिब्बत सीमा पुलिस वल की गौचर में कार्यरत 8 वीं वाहिनी में आयोजित योग नामक थीम कार्यक्रम में वाहनी के 200 से अधिक हिमवीरों व उनके परिजनों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वाहनी के सैनानी हफी जुल्लाह सिद्दीकी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुपालन में हर घर आंगन योग की थीम पर आयोजित योग कार्यक्रम में 150 हिमवीरों, के अलावा राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के 50 आश्रितों तथा 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इसके अलावा बटालियन के जवानों द्वारा वाहिनी के अधिकार क्षेत्र में अवस्थित प्रमुख विरासत स्थल केदारनाथ,शक्तिपीठ धारी देवी, व सामरिक दृष्टि से भारत के प्रथम गॉंव नीति,घमशाली, बंपा व मलारी में स्थानीय जनता, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के साथ सामुहिक योग सत्र का आयोजन किया। इस अवसर पर दुर्गम, अतिदुर्गम तथा विशम जलवायु में निवासरत गॉंवों के नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने हेतु आई टी बी पी के हिमवीरों द्वारा योग को जीवन में अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। 9वें अंतर राष्ट्रीय योग दिवस, 2023 के उपलक्ष्य में वाईब्रेण्ट विलेज कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य धारा से वंचित सामरिक गॉंवों के लोगों को विविध सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गईं। इस अवसर पर अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों की समस्याऐं भी सुनी।तथा ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा ।
बटालियन स्तर पर आयोजित योगा कार्यक्रम में योग सत्र सम्पन्न होने के उपरान्त योगा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पदाधिकारियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले हिमवीर जवानों को सैनानी द्वारा पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार कार्यक्रम के उपरान्त उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को योग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उम्र, लिंग, जाति, पंथ, धर्म और राश्ट्र के बंधन की सीमाओं से परे है। प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज सैन्य परिवेश के मध्य हमारी भावी पीढ़ी उपस्थित है। आज के दिन सैनिकों के साथ विद्यार्थियों को योग सत्र में सामिल करने का एक मात्र उद्देश्य देश के भविश्य विद्यार्थियों की अर्न्तनिहित क्षमताओं के विकास के साथ-2 आदर्श नागरिक उत्तरदायित्व की भावनाओं के विकास हेतु योग के माध्यम से शरीर एवं मन के बीच पारस्परिक सामंजस्य स्थापित करते हुए स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से परिपूर्ण समृद्ध भावी पीढ़ी को तैयार करना है।
