स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में जौरासी जूनियर हाईस्कूल का राष्ट्रीय स्तर पर चयन

— राजेश्वरी राणा
पोखरी, 27 फरवरी। सीमित संसाधनों के बावजूद स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और हरित पहलों को प्राथमिकता देते हुए विकासखंड पोखरी के राजकीय जूनियर हाईस्कूल जौरासी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) सर्वेक्षण के अंतर्गत विद्यालय का चयन अखिल भारतीय स्तर के लिए किए जाने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
विद्यालय ने यह उपलब्धि शिक्षकों की सतत मेहनत, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और समुदाय के सहयोग से हासिल की है। परिसर में सुव्यवस्थित स्वच्छता व्यवस्था, सुसज्जित कक्षाएं, आकर्षक फुलवारी, औषधीय एवं छायादार पौधों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के तृतीय चरण के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली से आए पर्यवेक्षक हेमराज सिंह ने विद्यालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर, पौधारोपण क्षेत्र, स्वच्छ शौचालय, जल संरक्षण प्रणाली तथा ईको क्लब की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण संबंधी मॉडल और जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की गई।
पर्यवेक्षक ने विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, प्लास्टिक मुक्त परिसर, नियमित सफाई अभियान और हरित वातावरण को उत्कृष्ट बताते हुए विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित किया।
प्रधानाध्यापिका सरला किमोठी के नेतृत्व में शिक्षक डॉ. बृजेंद्र कठैत और गिरीश किमोठी ने विद्यालय में स्वच्छ एवं हरित वातावरण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पौधारोपण अभियान, स्वच्छता रैली, जल संरक्षण गतिविधियों और पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विद्यालय ने पहले विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, इसके बाद जनपद स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर के लिए चयनित हुआ। राज्य स्तर पर सफल मूल्यांकन के पश्चात राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखंड द्वारा किए गए अंतिम निरीक्षण में भी विद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखा। इसी आधार पर इसे अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल किया गया है।
डॉ. बृजेंद्र कठैत ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों से चयनित विद्यालयों का मूल्यांकन कर श्रेणी निर्धारण किया जाएगा। इसके आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान घोषित किए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय को एक लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
वर्तमान में विद्यालय में 37 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सीमित छात्र संख्या के बावजूद विद्यालय ने यह सिद्ध किया है कि इच्छाशक्ति, समर्पण और सामूहिक प्रयास से सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट पहचान बना सकते हैं।
विद्यालय की इस उपलब्धि पर अभिभावकों, ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानाध्यापिका, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जौरासी विद्यालय क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा बनकर उभरा है।
