जोशीमठ आपदा : भू-धंसाव पीड़ितों की समस्याओं के समाधान को लेकर ज्ञापन
ज्योतिर्मठ, 23 अगस्त। नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों और भू-धंसाव प्रभावितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर भू-धंसाव पीड़ितों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि स्लोप ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने से पूर्व प्रभावित भूमि का मुआवजा तय किया जाए और किए जाने वाले कार्यों का पूर्ण विवरण प्रभावितों को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भू-धंसाव के कारण असुरक्षित भूमि और ट्रीटमेंट कार्यों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति नाली तय करने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि उत्तराखंड शैली में बने पुश्तैनी भवनों और गौशालाओं का मुआवजा आवासीय भवनों की तर्ज पर दिया जाए। इसके अलावा राजीव आवास और प्रधानमंत्री आवास के तहत स्वीकृत मकानों को भी अनुदान सहित आवासीय भवनों के बराबर मुआवजा दिया जाए। प्रभावित हुए होमस्टे, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और व्यावसायिक भवनों के लिए स्लैब सिस्टम हटाकर आवासीय भवनों के मानकों के अनुरूप मुआवजा प्रदान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2023 में आपदा प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा देने के आदेश पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई और तत्काल मुआवजा वितरण की मांग की। इसके अलावा मारवाड़ी से विष्णुप्रयाग तक प्रस्तावित तटबंध का विस्तार ऐरा पुल तक करने और जोशीमठ के सुरक्षित क्षेत्रों में हल्का निर्माण कार्य करने की अनुमति देने की मांग भी की गई।
ज्ञापन देने वालों में मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल, सचिव समीर डिमरी, संरक्षक भगवती प्रसाद नंबूरी, भाजपा नगर अध्यक्ष अमित सती, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, देव पुजारी समिति ज्योतिर्मठ के अध्यक्ष अनिल नंबूरी, पूर्व ईओ भगवती प्रसाद कपरुवाण, जेपी भट्ट, पालिका सभासद प्रवेश डिमरी, प्रदीप पंवार, ललिता देवी और प्रदीप भट्ट आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
