उल्लास साक्षरता कार्यक्रम की तैयारी को लेकर त्रैमासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

गौचर, 18 मार्च (गुसाईं)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में त्रैमासिक समीक्षा बैठक एवं ‘उल्लास’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
बैठक में उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनपद चमोली में साक्षरता दर बढ़ाने के उद्देश्य से ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के शिक्षार्थियों के लिए मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान की मूल्यांकन परीक्षा 22 मार्च को आयोजित की जाएगी।
समीक्षा के दौरान परीक्षा आयोजन की व्यवस्थाओं, कार्ययोजना, समन्वय एवं मॉनिटरिंग तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि मुद्रित नामांकन एवं उत्तर पत्रक 20 मार्च तक सभी विकासखंडों और वहां से परीक्षा केंद्रों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाए जाएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक सुविधायुक्त पंजीकृत विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें निकटतम विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि ‘समर्थ गांव योजना’ के अंतर्गत पूर्व में चिन्हित निरक्षर व्यक्तियों को लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 में वर्गीकृत किया गया था। इनमें से लेवल-3 के लगभग 8183 शिक्षार्थियों को ‘उल्लास’ कार्यक्रम में प्राथमिकता से शामिल कर उन्हें प्रमाणन प्रदान किया जाएगा।
डायट के कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र प्रसाद मैखुरी एवं नीतू सूद ने बताया कि प्रत्येक परीक्षार्थी को 14 अंकों की पंजीकरण संख्या दी जाएगी। सभी पात्र शिक्षार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, हालांकि पोर्टल पर पंजीकरण न होने की स्थिति में भी किसी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।
परीक्षा 22 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगी, जबकि वास्तविक परीक्षा अवधि 3 घंटे की रहेगी। परीक्षा संचालन हेतु शासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को केंद्र प्रभारी तथा माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
जिला समन्वयक सतीश चमोली एवं चंडी नौटियाल ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी दिन केंद्र स्तर पर किया जाएगा। कुल 150 अंकों (पढ़ना, लिखना और गणित—प्रत्येक 50 अंक) के आधार पर मूल्यांकन होगा। प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों को ‘A’, 40 प्रतिशत से अधिक को ‘B’ तथा उससे कम को ‘C’ ग्रेड दिया जाएगा। आवश्यकता अनुसार अधिकतम 5 अंक कृपांक के रूप में दिए जा सकेंगे।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी, डायट संकाय सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा जनपद के सीआरपी एवं बीआरपी उपस्थित रहे।
