कमेड़ा का जखेड़ गधेरा बना नासूर, लगातार भूस्खलन से यातायात ठप्प

गौचर, 1 सितम्बर (गुसाईं)। लंबे समय से कमेड़ा के जखेड़ गधेरे में हो रहे भूस्खलन ने स्थानीय लोगों के साथ ही शासन-प्रशासन को भी गंभीर परेशानी में डाल दिया है। सोमवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया।
जनपद चमोली की सीमा पर स्थित कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र वर्षों से सिरदर्द बना हुआ है। एनएचआईडीसीएल द्वारा कुछ महीने पहले इस क्षेत्र के सुधारीकरण का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन इस बार की लगातार और तीव्र बारिश ने विभाग के सारे प्रयास ध्वस्त कर दिए हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ उखड़कर सड़क पर आ रहे हैं।
बारिश के इस सीजन में ऐसा कोई दिन नहीं रहा जब इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों के लिए बंद न हुआ हो। सोमवार को सुबह लगभग आठ बजे यातायात बहाल कर दिया गया था, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे हुई मूसलाधार बारिश के कारण मार्ग फिर से बंद हो गया, जिससे जनपद चमोली के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो गई।
इसी प्रकार कमेड़ा पेट्रोल पंप के पास भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां लगभग 500 मीटर सड़क धंस चुकी है, जिससे वाहनों, विशेषकर छोटे वाहनों के लिए आवाजाही बेहद कठिन हो गई है। गौचर-रानौक्वींठी मोटरमार्ग के बंद होने से क्षेत्र का राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क कट गया है और ग्रामीणों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमेड़ा का यह भूस्खलन क्षेत्र अब नासूर बन चुका है, जो हर बारिश के मौसम में उनकी जान जोखिम में डालता है।
