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बर्फ की मोटी चादर से ढका केदारनाथ धाम

  • केदारनाथ धाम में हुई जमकर बर्फबारी 
  • बर्फबारी से यात्रा तैयारियों पर पड़ रहा असर
  • 22 अप्रैल को खुलने हैं बाबा केदारनाथ के कपाट 
  • समय पर व्यवस्थाएं नहीं होने से तीर्थयात्रियों को होंगी परेशानियां
रुद्रप्रयाग 19 मार्च (जाहिद)। केदारनाथ धाम में गुरुवार सुबह से लगातार बर्फबारी जारी है। धाम में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। बिगड़ते मौसम के कारण धाम में ठंड भी अत्यधिक बढ़ गई है, जबकि लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पूरा धाम बर्फ की चादर में ढका हुआ है।
22 अप्रैल को बाबा केदार के कपाट खुलने हैं और बर्फबारी का असर अब यात्रा की तैयारियों पर भी साफ नजर आने लगा है।
भारी बर्फ के चलते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। हाल ही में लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी की टीमें तैयारियों का जायजा लेने धाम पहुंची थीं, लेकिन अत्यधिक बर्फबारी के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बर्फबारी थमने के आसार कम हैं। जिस तरह से मौसम का रुख बना हुआ है, उससे आने वाले दिनों में भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में केदारनाथ यात्रा की तैयारियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। वहीं प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य होते ही कार्यों को तेज करने की तैयारी में है। लोनिवि गुप्तकाशी के ईई राजविंद सिंह ने बताया कि जनवरी, फरवरी माह में केदारनाथ धाम में बर्फबारी ना के बराबर हुई है, जबकि मार्च माह माह में बर्फबारी होने से दिक्कतें पैदा होने लगी है। यात्रा तैयारियों को लेकर टीम भेजी गई थी, लेकिन केदारनाथ धाम से लेकर बेस कैंप तक बर्फ ही बर्फ होने और अत्यधिक ठंडा होने के कारण टीम को वापस आना पड़ा। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल रास्ते में रैलिंग, मार्ग को क्षति पहुंच जाती है। ऐसे में कपाट खुलने से पहले समय पर व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जाना जरूरी है।
वहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि आईटीबीपी के जवान माइनस डिग्री में भी धाम की सुरक्षा में जुटे हुए हैं। आगामी दिनों में मौसम साफ होने पर यात्रा तैयारियों को लेकर टीम को भेजा जाएगा।

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