गौचर में 50 दिन बाद भी नहीं मिली रसोई गैस, उपभोक्ता परेशान
— दिग्पाल गुसाईं की रिपोर्ट —
गौचर, 13 अप्रैल। शासन-प्रशासन भले ही रसोई गैस की किल्लत से पल्ला झाड़ रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि 21 दिन के शेड्यूल के बावजूद पालिका क्षेत्र के पनाई व बंदरखंड प्वाइंटों पर 50 दिन बाद भी इंडियन गैस एजेंसी रसोई गैस उपलब्ध नहीं करा पाई है। इससे लोगों के लिए चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है।
लंबे समय से बनी रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या ही बदलकर रख दी है। कास्तकार हों या नौकरीपेशा लोग, अपने कामकाज के बजाय गैस के लिए दिन-रात माथापच्ची करने में समय गंवा रहे हैं। इंडियन गैस एजेंसी ने गैस किल्लत के बीच उपभोक्ताओं को पहले 15 दिन की जगह अब 21 दिन में गैस उपलब्ध कराने का शेड्यूल जारी किया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इंडियन गैस एजेंसी कर्णप्रयाग, गौचर नगर पालिका क्षेत्र के पनाई व बंदरखंड प्वाइंटों पर 50 दिन बाद भी रसोई गैस उपलब्ध नहीं करा पाई है।
यही नहीं, एजेंसी अब उपभोक्ताओं को मिस्ड कॉल के जरिए गैस बुकिंग कराने का निर्देश दे रही है। बताया जा रहा है कि 15 दिन बीत जाने के बाद एजेंसी द्वारा जारी डीएसी (DAC) नंबर भी रद्द किया जा रहा है। पनाई निवासी जगदीश जोशी का कहना है कि उन्होंने मिस्ड कॉल के जरिए गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन गैस उपलब्ध कराने के बजाय एजेंसी ने उनका डीएसी नंबर ही रद्द कर दिया।
इंडियन गैस एजेंसी कर्णप्रयाग ने अपना संपर्क नंबर भी बंद कर रखा है। यही स्थिति भारत गैस एजेंसी नारायणबगड़ की भी बताई जा रही है। गौचर से नारायणबगड़ की दूरी करीब 40 किलोमीटर है, जबकि इंडियन गैस एजेंसी कर्णप्रयाग का स्टोर सिमली में स्थित है, जिसकी दूरी लगभग 16 किलोमीटर है। ऐसे में उपभोक्ताओं को गैस के लिए इन एजेंसियों के गोदामों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र में जहां कास्तकार फसल कटाई और बुवाई के कार्यों में जुट गए हैं, वहीं शादी का सीजन शुरू होने से गैस की किल्लत ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आगामी 23 अप्रैल से बद्रीनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। ऐसे में होटल व ढाबा मालिकों को व्यावसायिक सिलेंडर न मिलने से इस बात की चिंता सता रही है कि बिना गैस के उनका कारोबार कैसे चलेगा।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने इस संबंध में जिलाधिकारी चमोली को पत्र भेजकर आम जनता और व्यापारियों की समस्या से अवगत करा दिया है। बहरहाल, क्षेत्र में रसोई गैस की समस्या लगातार जटिल होती जा रही है।
