टाण्डा महादेव मंदिर, जुकणिया में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक महायज्ञ 

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नावेतल्ली, रिखणीखाल से प्रभुपाल सिंह रावत–

जनपद  पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल प्रखंड में स्थित ग्राम जुकणिया,टाण्डा महादेव मंदिर,पट्टी पैनो के पावन पवित्र व कलकल करती प्रसिद्ध मंदाल नदी के नैसर्गिक रमणीक तट पर शिव मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक महायज्ञ व लोक संगीत संध्या का आयोजन दिनांक 15 जून 2022 से 17 जून तक भव्य व विशाल रूप में किया जा रहा है।

अब यहाँ पर संक्षिप्त में टाण्डा महादेव मंदिर के अतीत का वर्णन किया जा रहा है।यह शिव मंदिर प्रसिद्ध मंदाल नदी के नैसर्गिकव रमणीक तट पर अवस्थित है।इसके तीन तरफ सिचाई युक्त कृषि भूमि है।काफी समय पहले किसानों ने अपने फसलों,खेती बाड़ी की सुरक्षा व रखवाली के लिए टंड्या ( टाण्ड)बनाया था।खेत में एक मचान सा बनाया जिसे आम स्थानीय भाषा में टंड्या वाणू भी कहते हैं।यह जमीन से पांच छ फीट ऊँचा होता है इसके ऊपर बरसात व धूप से बचने के लिए घास-फूस का छप्पर डालते हैं तथा वहाँ चारपाई बिछाते हैं वहीं से खेतों की जंगली जानवरों,पशु पक्षियों से रखवाली होती है।या कभी कभी अनाज का भूसा भी संग्रह करते हैं।

यहीं पर यह प्राचीन शिव मंदिर था इसी वजह से इसे टाण्डा महादेव मंदिर का नाम से प्रचलित है।पहले छोटे से आकार में पत्थरों व पठालो से ढका हुआ था। सन् 1950 के आसपास की बात है।तब धीरे धीरे बड़ा सा आकार दिया गया,बगल में धर्मशाला भी बनी।उस समय बाबा पुरी तथा माई मंगला भारती इसमें रहते थे।मंदाल नदी के दो टीलों के पास ही उनकी समाधि स्थल है।

वर्तमान महादेव मंदिर की नव निर्माण की भावना व प्रेरणा स्वर्गीय महेश शास्त्री के मन में आयी।मंदिर की स्थापना की भावना से पहले वे अपने पूर्व प्रधान किशोर देवरानी को लेकर सौलीखान्द हनुमान मंदिर देखने गये।अब इस मंदिर का समस्त कार्यभार व संरक्षण धीरेन्द्र सिंह रावत निवासी चाँदपुर व नागेन्द्र सिंह नेगी निवासी बडखेत तल्ला को दी गई है।

कलश शोभा यात्रा बुधवार 15 जून को प्रातः छः बजे बडखेत तल्ला से होकर पवित्र धाम टाण्डा महादेव मंदिर जुकणिया जाकर सम्पन्न होगा।कलश यात्रा में पारम्परिक उतराखंडी वाद्ययंत्र ढोल, दमाऊ, मशकबीन आदि होगे।भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ बडखेत तल्ला से घला छाल गुजरी-जुकणिया छोटा,जुकणिया बडा और बदरूद्वार होते हुए अपना गन्तव्य टाण्डा महादेव मंदिर सम्पन्न होगी।स्थानीय गाँवों से भी महिला मंगल दल युवक मंगल दल की टोलियाँ कर्तिया,धामधार आदि से गाजे बाजों के साथ आयेगे।कलश यात्रा में बालिकाओं व महिलाओ का परिधान पीले वस्त्र पीली साडी,पीला सूट,लाल चुन्नी रहेगा।

17जून  को सायंकाल चार बजे से लोक कलाकारों द्वारा लचक संगीत संध्या का आयोजन होगा।जिसमें उतराखंडी लोक कलाकार घन्ना नन्द,सुर कोकिला संगीता ढौडियाल,सौरभ मैदानी,शान्ति भूषण , शैलू, रवि थापा, प्रशान्त आदि होगे।
प्रधान आचार्य डा0 अनिल कुकरेती,व अन्य कयी विद्वान पंडित मौजूद होगे।मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायक लैंसडौन महन्त दिलीप सिंह रावत भी विशेष आमंत्रित हैं।

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