महिला मंच ने पूर्व भाजपा विधायक के अशोभनीय बयान पर जताया आक्रोश, प्रधानमंत्री से कठोर कार्रवाई की मांग

देहरादून, 31 अक्टूबर। उत्तराखंड महिला मंच ने भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए अशोभनीय, अमर्यादित और नफरत फैलाने वाले बयान पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

महिला मंच की प्रतिनिधि निर्मला बिष्ट ने जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सार्वजनिक सभा में महिलाओं की अस्मिता पर घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह न केवल महिलाओं का अपमान है बल्कि समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने का प्रयास भी है।
निर्मला बिष्ट ने कहा कि वीडियो में यह व्यक्ति बेरोजगार हिंदू युवकों को मुसलमानों के खिलाफ भड़काते हुए कहता है—
> “10 मुस्लिम लड़कियां लाओ, नौकरी पाओ, शादी भी मैं करवा दूंगा, और उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी हम करेंगे।”
सभा में इस नीच बयान पर कुछ लोगों की अशोभनीय हंसी और तालियों की आवाजें सुनाई देती हैं। यह दृश्य देखकर जहां घृणा और आक्रोश उत्पन्न होता है, वहीं यह प्रश्न भी उठता है कि क्या अब भाजपा के निशाने पर महिलाएं भी आ गई हैं?
महिला मंच ने कहा कि यह मामला केवल मुस्लिम महिलाओं तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज और देश की आधी आबादी की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है। इस प्रकार के खुले बयान यह संकेत देते हैं कि अब किसी भी धर्म या जाति की महिला सुरक्षित नहीं रही।
निर्मला बिष्ट ने कहा कि महिलाओं ने लंबे संघर्षों से जो आज़ादी और सम्मान अर्जित किया है, उसे ऐसी कुंठित और स्त्री-विरोधी मानसिकता दबाने की कोशिश कर रही है।
उत्तराखंड महिला मंच इस बयान की घोर निंदा करता है और प्रधानमंत्री तथा केंद्र सरकार से मांग करता है कि पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के महिला-विरोधी और नफरत फैलाने वाले बयान देने का दुस्साहस न कर सके।
