उत्तराखंड महिला मंच ने रेसकोर्स क्षेत्र में निकाली नशा विरोधी जन जागरूकता रैली

देहरादून, 24 अगस्त। उत्तराखंड महिला मंच ने रविवार को शहर के रेसकोर्स क्षेत्र में नशा विरोधी जन जागरूकता रैली निकाली। नशा विरोधी नारों और जनगीतों के साथ निकाली गई इस रैली में क्षेत्र में लोगों के साथ संपर्क भी किया गया। रैली में कई अन्य जनसंगठनों के लोगों ने भी हिस्सा लिया।
जन जागरूकता रैली रविवार सुबह ट्रांजिट कैंप से शुरू हुई और रेसकोर्स क्षेत्र के विभिन्न ब्लॉकों को होकर रेलवे लाइन से लगती बस्ती तक पहुंची। इस दौरान नुक्कड़ों पर सभाएं की गई और लोगों से इस क्षेत्र में नशे के चलन के बारे में पूछा गया। लोगों ने खुलकर ड्रग्स और दूसरे नशे की बिक्री के बारे में बताया।
उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत ने बताया कि रेसकोर्स के रेलवे लाइन से लगती बस्ती और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने में ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री हो रहे है। ज्यादातर घरों के युवा बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं। अब तक कई युवाओं की मौत हो चुकी है। जो लोग नशा तस्करों के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें न सिर्फ डराया-धमकाया जाता है, बल्कि उन पर हमला भी करवाया जाता है।
‘नशे को ना’ अभियान में शामिल इप्टा के हरिओम पाली ने कहा कि क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। नशा तस्कर उनके बच्चों को बर्बाद कर रहे हैं, लेकिन वे डर के मारे उनका विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। जब भी कोई किसी नशा तस्कर का विरोध करता है, उस पर हमला करवाया जाता है। लोगों का यहां तक कहना है कि पुलिस और नशा तस्कर आपस में मिले हुए हैं। पुलिस को नशा बेचने वाले एक-एक व्यक्ति का नाम मालूम है।
रैली में शामिल उत्तराखंड इंसानियत मंच के तुषार रावत का कहना था कि इस क्षेत्र में लोगों का विश्वास पुलिस और नेताओं से भी उठ चुका है। नशे को लेकर जन प्रतिनिधियों से शिकायत करते हैं, लेकिन वे मदद नहीं करते। पुलिस से शिकायत करते हैं तो पुलिस कभी-कभी ऐसे कुछ लोगों को पकड़कर ले जाती है, लेकिन थोड़ी देर में वे वापस आ जाते हैं और शिकायत करने वाले लोगों की पिटाई करते हैं।
उत्तराखंड महिला मंच के निर्मला बिष्ट ने कहा कि ऐसा लगता है नशा तस्करों, पुलिस का एक गठजोड़ बन गया है, जिसमें आमतौर पर पार्षद को भी शामिल किया जाता है। इससे जो पैसा कमाया जा रहा है, वह ऊपर तक जा रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो नशा तस्कर खुले आम ये सब नहीं कर रहे होते। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि इस तरफ तुरंत ध्यान दें, अन्यथा महिलाएं नशा तस्करों से अपनी तरह से निपटेंगी।
जग जागरूकता रैली में चंद्रकला, भुवनेश्वरी कठैत, विजय नैथानी, डॉ. रवि चोपड़ा, नन्द नंदन पांडेय, त्रिलोचन भट्ट, सतीश धौलाखंडी, कमलेश खंतवाल सहित उत्तराखंड महिला मंच, इप्टा, उत्तराखंड इंसानियत मंच, भारत ज्ञान विज्ञान समिति आदि संगठनों के लोग मौजूद थे।
