धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

मंगला जी बोलीं, विश्व गुरु बनना है तो दुनिया में अध्यात्म का प्रचार- प्रसार करना होगा

-भागेश त्यागी –

हरिद्वार, 6 नवंबर। हंस ज्योति-ए यूनिट आफ हंस कल्चरल सेंटर द्वारा ऋषिकुल कालेज मैदान हरिद्वार में चल रहे जनकल्याण समारोह में द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत श्री भोले  महाराज और माता  मंगला जी ने घोषणा करते हुए कहा कि अब हर साल योगीराज श्री हंस महाराज की पावन जयंती हरिद्वार में ही मनाई जायेगी‌। उनकी इस घोषणा का देश-विदेश से आये सभी भक्तों ने करतल ध्वनि से जोरदार स्वागत किया।

 

पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए माता  मंगला जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया की सबसे महान संस्कृति  है, इसकी रक्षा करना तथा इसे बढ़ावा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतभूमि अनेक ऋषि-मुनियों तथा संत-महापुरुषों की जन्मभूमि रही है। हमारे सभी महापुरुष आध्यात्मिक थे इसलिए आज भी पूरी दुनिया में उनकी पूजा होती है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए हमें पूरी दुनिया में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार-प्रसार करना होगा।

मंगला जी ने  योगीराज श्री हंस महाराज का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने हरिद्वार से ही सत्संग, ज्ञान प्रचार और जनकल्याण के कार्यों की‌ शुरुआत की थी इसलिए हमारी संस्था ने निर्णय लिया है कि अब हर साल श्री हंस जयंती हरिद्वार में ही मनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि श्री हंसजी महाराज के नाम पर आज अनेक सेवाएं संचालित की जा रही हैं।  मंगला जी युवाओं में बढ़ती नशावृत्ति, कन्या भ्रूण हत्या तथा दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को सुशिक्षित कर उनका नैतिक, चारित्रिक और आध्यात्मिक विकास करने पर जोर दिया।

समारोह में महात्मा आत्मसंतोषी बाई तथा अन्य संत-महात्माओं ने भी सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री देवेन्द्र पाठक ने शानदार भजनों की प्रस्तुति कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में महासू देवता मंदिर की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

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