जिलासू पेयजल पंपिंग योजना में जोड़ने की मांग पर बैठक बेनतीजा
ग्रामीण बोले—“हमारे गाँव नहीं जोड़े तो पाइपलाइन नहीं जाने देंगे”
पोखरी, 22 नवंबर (राणा)। तहसील सभागार पोखरी में शनिवार को उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे की अध्यक्षता में जल निगम, जल संस्थान और प्रभावित ग्राम सभाओं के ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का उद्देश्य 33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जिलासू पेयजल पंपिंग योजना में मस्ट गाँव, पैणी, कुजासू, सिनाऊ तल्ला–मल्ला–पल्ला, आली, काणड़ई, सौडामगरा, गडोना, खन्नी और बिनगढ़ सहित कई गाँवों को जोड़ने की मांग पर चर्चा करना था।

ग्रामीणों की समस्या—कनेक्शन तो मिला, पानी आज भी नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि हर घर जल योजना के तहत कनेक्शन तो दे दिए गए, परंतु नलों में पानी नहीं आता, जिससे लोग गंभीर पेयजल संकट झेल रहे हैं। इसलिए उनकी ग्राम सभाओं को जिलासू योजना से जोड़ना आवश्यक है।
इस पर जल निगम के सहायक अभियंता तान सिंह टोलिया और अवर अभियंता प्रशांत रतुड़ी ने स्पष्ट किया कि जिलासू पेयजल पंपिंग योजना की डीपीआर केवल शहरी क्षेत्र के लिए स्वीकृत है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों को योजना में शामिल करना संभव नहीं है।
ग्रामीण नाराज़—चेतावनी: “हमारे गाँव नहीं जोड़े, तो पाइपलाइन नहीं बिछने देंगे”
अधिकारियों के जवाब से ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने दो-टूक कहा कि जब तक उन्हें योजना से नहीं जोड़ा जाता, वे अपने क्षेत्र से पाइपलाइन को गुजरने नहीं देंगे।साथ ही जल निगम की अन्य योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की।
सिनाऊ के ग्रामीणों का आरोप—PWD ने तोड़ी 2 किमी पाइपलाइन, अब तक नहीं सुधारी
सिनाऊ के ग्रामीणों ने बताया कि पोखरी–कर्णप्रयाग मोटर मार्ग के सुधारीकरण के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विनायकधार–उडामाडा तक उनकी दो किमी लंबी पेयजल लाइन तोड़ दी, और आज तक उसे ठीक नहीं किया गया। इससे जल संस्थान को नागनाथ पेयजल पुनर्गठन योजना के टैंक से वैकल्पिक आपूर्ति करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने PWD को क्षतिग्रस्त लाइन तत्काल सुधारने की मांग रखी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री का आरोप—“जल निगम के कार्यों में लापरवाही, कराऊंगा उच्च स्तरीय जांच”
बैठक में मौजूद पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, पर जल निगम के कार्यों में गंभीर लापरवाही हो रही है।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले में जिलाधिकारी और शासन स्तर पर वार्ता करेंगे।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बैठकों में उपस्थित नहीं होते और अधिशासी अभियंता फोन तक रिसीव नहीं करते।
बैठक बिना समाधान समाप्त—1 दिसंबर को ग्रामीणों का शिष्टमंडल मिलेगा DM से
उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे ने जल निगम और जल संस्थान को आपसी तालमेल बनाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, लेकिन बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी। अब सभी ग्राम सभाओं का संयुक्त शिष्टमंडल पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में 1 दिसंबर को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेगा।
बैठक में उपस्थित
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, जल निगम AE तान सिंह टोलिया, JE प्रशांत रतुड़ी, जल संस्थान AE जगदीश पंवार, JE मनमोहन सिंह राणा, आर.के. दलवीर नेगी, ग्राम प्रधान ममता चौहान (बिनगढ़), विमला देवी (सूगी), संतोषी देवी (सिनाऊ पल्ला), मधु देवी (कुजासू), सतीश सिंह (पैणी), शोभा देवी (आली) सहित उमेद सिंह, पंकज सिंह, अबल सिंह, हुकुम सिंह नेगी, संतोष चौधरी, अनूप रावत, प्रहलाद बर्तवाल, धन सिंह, महिपाल सिंह, दर्शन सिंह नेगी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
