आपदा/दुर्घटना

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा चारधाम यात्रा में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक अभ्यास 20 अप्रैल को

Mock Drill is a complete demonstration of how to react whenever a disaster occurs. It identifies potential errors and risks. Improves coordination between different disaster control departments. It shows how to rescue and save people trapped on high floors, and buildings.

—uttarakhandhimalaya.in —

देहरादून, 18  अप्रैल।   उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (यू.एस.डी.एम.ए.), उत्तराखण्ड शासन द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, भारत सरकार के सहयोग से आगामी चारधाम यात्रा 2023 जो 22 अप्रैल से प्रारम्भ हो रही है, के दृष्टिगत  20 अप्रैल 2 को एक मॉक अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इस मॉक अभ्यास के आयोजन का उद्देश्य आगामी चारधाम यात्रा के दौरान कोई भी प्राकृतिक अथवा मानव जनित घटना होने पर जान-माल तथा पर्यटक/तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार कोई क्षति न हो साथ ही ऐसी घटना होने पर राज्य एवं जनपद प्रशासन, अन्य रेखीय विभागों तथा सेना, एस॰एस॰बी॰, आई॰टी॰बी॰पी॰, सी॰आई॰एस॰एफ॰, सी॰आर॰पी॰एफ॰, वायुसेना का आपस में समन्वय सुनिश्चित किया जाना है।

इस मॉक अभ्यास के दृष्टिगत् आज सचिवालय परिसर में राष्ट्रीय स्तर की संस्थायें जैसे- सेना, एन0डी0आर0एफ0, आई0टी0बी0पी0, एस0एस0बी0, एस0डी0आर0एफ0 तथा विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों जैसे-मौसम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, दूरसंचार विभाग तथा चारधाम यात्रा आयोजित करने वाले 07 जिलों यथा जनपद चमोली, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी के उच्च अधिकारियों के साथ यू.एस.डी.एम.ए. एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (एन.डी.एम.ए.) के पदाधिकारियों के द्वारा एक टेबल टाप अभ्यास का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न घटनाओं की परिस्थितियां (त्वरित बाढ़, अग्नि, सड़क दुर्घटना, स्वास्थ सम्बन्धी आपातकालीन स्थिति, भू-स्खलन आदि) दर्शायी गई तत्पश्चात् सम्बन्धित जनपदों तथा विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों द्वारा उक्त परिस्थितियों से निपटनें के लिये जनपद तथा विभागीय स्तर पर तैयारियों के बारे में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बतलाया गया। तत्पश्चात् इन तैयारियों को और बेहतर कैसे बनाया जाय इस पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों द्वारा सुझाव दिये गये

इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सयैद अता हसनैन, श्री राजेन्द्र सिंह, कर्नल के0पी0 सिंह, कर्नल नदीम अरशद, मेजर जनरल सुधीर बहल के साथ-साथ सचिव, राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, डॉ0 रंजीत कुमार सिन्हा, महानिरीक्षक, एस0डी0आर0एफ0, श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव, आपदा प्रबन्धन, डॉ0 आनन्द श्रीवास्तव एवं आई.आर.एस. विशेषज्ञ श्री वी.बी. गणनायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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