स्मृतियों का झरोका : छात्र संसद में जब बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा पहुंचे

-गोविंद प्रसाद बहुगुणा-
शायद उस जमाने में पहाड़ के स्कूल में इस प्रकार का आयोजन और प्रदर्शन वास्तव में एक आश्चर्यजनक घटना थी जिसे देखकर सचमुच एक स्पीकर भी चकित हो गये थे।
संयोग देखिए कि स्कूल के वार्षिकोत्सव के दिन ही बिहार विधानसभा के स्पीकर पद्म भूषण श्री बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा उर्फ बिन्दा बाबू, हमारे स्कूल जीआईसी रुद्रप्रयाग मेंमें पधारे थे, जो उस समय बद्रीनाथ यात्रा पर थे और रुद्रप्रयाग में पीडब्ल्यूडी के विश्राम भवन में बद्रीनाथ से लोटकर तो एक दिन विश्राम करने टिके थे उस दिन वह वहां स़गम पर भी गये और हमारे स्कूल में भी आये थे ।
उस दिन छात्रों द्वारा MOCK ड्रिल आफ पार्लियामेंट का प्रदर्शन किया था जिसका संयोजन हमारे सिविक्स के लेक्चरर मेरे चाचा जी स्व०सुन्दरलाल बहुगुणा जी ने किया था जो उसी साल स्कूल के ११-१२वीं दर्ज़े के छात्रों का एजुकेशन टूर लेकर दिल्ली में पार्लियामेंट दिखाने ले गये थे , वहां उन्होंने संससद की कार्यवाही देखी थी तोलहां से लौटकर उनके मन में यह विचार आया कि क्यों न हम भी एक दिन ऐसा प्रदर्शन अपने स्कूल में आयोजित करें ।
उनके इस विचार को स्कूल के प्रधानाचार्य श्री रामदास जी ने हाथों हाथ लिया और तैयारी में पूरा साथ दिया। यह फैसला भी किया गया कि इसका आयोजन स्कूल के वार्षिकोत्सव के अवसर पर ही किया जाय।
यह मात्र संयोग ही था कि उस दिन हमारे स्कूल में मुख्य अतिथि भी एक विख्यात स्वतंत्रता सेनानी और बिहार विधानसभा के स्पीकर श्री विन्ध्येश्वरी प्रसाद जी थे। उन्होंने इस कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि इस सुदूर पहाड़ में ऐसी जागरूकता हो सकती है । प्रधानाचार्य,अध्यापकगणों और प्रतिभागी छात्रों से हाथ मिलाया, शाबासी और बधाई दी।
इसका एक प्रतिफल यह हुआ कि स्कूल के प्रांतीयकण के बाद वहां के स्टाफ का ८ महिने से रुका वेतन उत्तरप्रदेश सरकार ने तुरन्त भुगतान कर दिया था जिसमें विंदेश्वरी प्रसाद जी की सिफारिश ने बड़ा काम किया। यह मामला प्रवंध समिति और सरकार के बीच चल रहे देनदारी संबंधी विवाद के कारण लोगों की तनख्वाह भी अटकी पड़ी थी ।
