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प्रैक्टिकल नॉलेज को मूट कोर्ट ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ की ओर से हुई दो दिनी द्वितीय विशाल अंतः मूट कोर्ट प्रतियोगिता, निर्णायक मंडल में शामिल रहे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के डॉ. कमलजीत सिंह और दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. आशुतोष आचार्य

ख़ास बातें : 

  • विनय, मानवता और कठिन श्रम ही सफलता की कुंजी:रजिस्ट्रार
  • वकालत के पेशे की समाज में ख़ास अहमियत: डीन एकेडमिक्स
  • प्रो. दीक्षित बोले, लॉ स्टुडेंट्स आधुनिक विधि पद्धतियों को अपनाएं
  • विजेता टीम समेत सभी प्रतिभागियों को दिए प्रमाण पत्र और ट्राफी

मुरादाबाद, 14  अप्रैल।   तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ की ओर से दो दिनी द्वितीय विशाल अंतः मूट कोर्ट प्रतियोगिता में आयुषी राठी, आदित्य आनन्द और प्रांजल श्रीवास्तव की टीम कोड 04 अव्वल रही, जबकि गुरप्रीत कौर, आयुषी अग्रवाल, और गौरी गुप्ता की टीम कोड 05 दूसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के डॉ. कमलजीत सिंह और दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. आशुतोष आचार्य शामिल रहे। सभी जजों ने प्रतिभागी टीमों के सदस्यों से मूट प्रॉब्लम से संबंधित अनेक सवाल किए। प्रतिभागियों ने उन सवालों का सफलतापूर्वक जवाब दिया। विभिन्न कसौटियों पर प्रतिभागियों की अधिवक्ता कला का परीक्षण करते हुए विजेताओं की घोषणा की। अंत में टीएमयू के कुलसचिव डॉ. आदित्य शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए बधाई देते हुए कहा, विनय, मानवता और कठिन मेहनत ही सफलता की कुंजी हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों और विजेता टीम को प्रमाण पत्र और ट्राफी देकर सम्मानित किया गया।

 

इससे पूर्व टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने दो दिनी द्वितीय विशाल अंतः मूट कोर्ट प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए कहा, ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वकालत के पेशे की तकनीनी जानकारी मिलती है। यह जानकारी स्टुडेंट्स के प्रोफेशन में बेहद काम आती है। उन्होंने कहा कि आज भी वकालत का पेशा समाज के लिए बेहद अहमियत रखता है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के डॉ. कमलजीत सिंह ने बताया, स्टुडेंट्स को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए मूट कोर्ट ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। इस अवसर पर लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने सभी विद्यार्थियों को आधुनिक विधि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। विधि संकाय के प्रधानाचार्य डॉ. सुशील कुमार सिंह ने कहा, हमारे लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। इस तरह के आयोजनों से विधि संकाय को एक नया आयाम मिलेगा। उल्लेखनीय है, दो दिनी मूट कोर्ट प्रतियोगिता में कुल 20 टीमों ने भाग लिया। इनमें से 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंची। कार्यक्रम में श्री अरणों राज सिंह के संग-संग विभिन्न यूनिवर्सिटीज़ के प्राध्यापकों समेत लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

 

 

 

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