Front Page

नाबार्ड का स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026–27 आयोजित, ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का आकलन जारी

देहरादून, 24  फरबरी। नाबार्ड के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026–27 का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्टेट फोकस पेपर (SFP) 2026–27 का औपचारिक विमोचन किया गया। इसमें वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का आकलन प्रस्तुत किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20.51 प्रतिशत अधिक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन थे। सेमिनार में कृषि, सहकारिता और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, Reserve Bank of India के प्रतिनिधि, एसएलबीसी, Punjab National Bank, State Bank of India सहित विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों, राज्य सहकारी बैंक, जिला मध्यवर्ती बैंकों, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण चंपावत की प्रसिद्ध “वन अम्मा” श्रीमती भगिरथी देवी रहीं, जिन्हें वन संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।

मुख्य सचिव का संबोधन

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन ने हर वर्ष स्टेट फोकस पेपर जारी करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाबार्ड न केवल अवसंरचना सहायता प्रदान कर रहा है, बल्कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है।

उन्होंने राज्य में आजीविका संबंधी चुनौतियों, पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, अवसंरचना की कमी और जल संबंधी समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार की पहलों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात अभी भी कम है, जो आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करता है।

मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि उत्तराखंड को अब तक 29 भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पाद मिल चुके हैं, लेकिन इनसे जुड़े स्थानीय उत्पादकों को अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राज्य की योजनाओं में बैंकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया, ताकि विकास का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक का संबोधन

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री पंकज यादव ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत विकासात्मक इकोसिस्टम के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के संदर्भ में महिला किसानों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने बताया कि चंपावत जिले में वन पंचायतों के सहयोग से प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका उन्नयन पर आधारित एक पायलट परियोजना शुरू की जा रही है। वहीं उत्तरकाशी में महिला किसानों की मेहनत कम करने के लिए आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की परियोजना प्रारंभ की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। कृषि अवसंरचना निधि (AIF) को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ किए जाने से राज्य में कृषि अवसंरचना और वैल्यू एडिशन में निवेश के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, e-KCC के माध्यम से ऋण वितरण प्रक्रिया को और अधिक सरल और तेज बनाया जाएगा।

वनअम्माने साझा किए अनुभव

चंपावत जिले के मनर गांव की भगिरथी देवी ने महिला-नेतृत्व वाले वन संरक्षण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से 12 हेक्टेयर बंजर भूमि को पुनर्जीवित किया गया और सूख चुके जलस्रोतों को फिर से सक्रिय किया गया। जंगलों के पुनर्जीवन से न केवल हरियाली लौटी, बल्कि कई गांवों में खेती और घरेलू उपयोग के लिए जल उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई।

सेमिनार के दौरान नाबार्ड समर्थित एफपीओ, जनजातीय विकास परियोजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

स्टेट फोकस पेपर 2026–27 की मुख्य बातें

कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता — ₹65,916 करोड़

कृषि क्षेत्र — ₹23,248.82 करोड़

एमएसएमई (MSME) — ₹36,761.17 करोड़

अन्य प्राथमिक क्षेत्र — ₹5,906.27 करोड़

यह स्टेट फोकस पेपर जिला स्तरीय संभाव्यता योजनाओं (PLP) के आधार पर तैयार किया गया है और राज्य में समग्र विकास के लिए बैंकों व विभागों को एक रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

नाबार्ड की प्रमुख पहलें

नाबार्ड द्वारा जलवायु-अनुकूल कृषि, सहकारी क्षेत्र का डिजिटलीकरण, ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि, एमएसएमई संवर्द्धन, एफपीओ समर्थन, स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण और डिजिटल वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इन पहलों के माध्यम से राज्य में एक लचीली, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित कृषि व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!