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नैनीताल की झीलें होंगी और खूबसूरत: सरकार ने दी परियोजनाओं को हरी झंडी, लाखों में लागत

 

देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल की प्रसिद्ध झीलों को और अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में नैनीताल जिले से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए। उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी और राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

भीमताल झील का सौंदर्यीकरण पर फोकस

बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। इस योजना की अनुमानित लागत 2567.49 लाख रुपये है। मुख्य उद्देश्य झील क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक, सुविधासम्पन्न और व्यवस्थित बनाना है, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो।

परियोजना के प्रमुख घटक:

  • झील के चारों ओर सुरक्षित और आकर्षक पाथ-वे का निर्माण, ताकि पर्यटक आसानी से घूम सकें।
  • सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौंदर्यीकरण।
  • लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली आधुनिक पार्किंग।
  • लैंडस्केपिंग, ओपन सिटिंग एरिया, बच्चों के खेल क्षेत्र और आधुनिक उपकरणों की स्थापना।
  • पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युतीकरण।

नौकुचियाताल और कमल ताल का विकास

समीक्षा में नौकुचियाताल और कमल ताल झीलों के पुनर्विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई, जिसकी अनुमानित लागत 2097.02 लाख रुपये है।

परियोजना के तहत:

  • नौकुचियाताल के आसपास लगभग 2089 मीटर लंबा सुरक्षित पाथ-वे।
  • चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग और बोटिंग स्टैंड का निर्माण।
  • लैंडस्केपिंग, बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युतीकरण। इन सुविधाओं से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। कमल ताल, जो नौकुचियाताल के निकट स्थित है, भी इन योजनाओं से लाभान्वित होगा।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से नैनीताल की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। क्षेत्र अधिक स्वच्छ, हरित और आधुनिक दिखाई देगा।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, “नैनीताल की झीलें उत्तराखंड की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण और संतुलित विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।” उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।

उन्होंने जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी लापरवाही से बचने के सख्त निर्देश दिए।

ये योजनाएं नैनीताल को और अधिक पर्यटन-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और आर्थिक समृद्धि दोनों बढ़ेंगी।

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