राहुल गांधी से मिले कांग्रेस के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक गौतम नौटियाल
दिल्ली, 7 दिसंबर।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक एवं ऋषिकेश निवासी गौतम नौटियाल ने आज दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भेंट की। यह मुलाक़ात मात्र औपचारिक नहीं रही, बल्कि करीब चार घंटे तक चला संवाद गौतम नौटियाल के राजनीतिक जीवन, सोच और जनसेवा की दिशा को नई ऊर्जा और स्पष्टता देने वाला साबित हुआ।
गौतम नौटियाल ने बताया कि उन्हें इस मुलाक़ात से न केवल सीखने का अवसर मिला, बल्कि आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और सत्य के मार्ग पर दृढ़ रहने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई। कहा कि राहुल गांधी की सरलता, मानवीय व्यवहार और हर व्यक्ति के जीवन को समझने की क्षमता अत्यंत प्रभावशाली है।
राहुल गांधी का सरल और मानवीय व्यक्तित्व
गौतम नौटियाल ने बताया कि जैसे ही राहुल गांधी हॉल में आए, लगा कि नेता प्रतिपक्ष आ रहे हैं, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह औपचारिकता खत्म होकर एक सहज, जुझारू और वास्तविक व्यक्तित्व से परिचय का अवसर बन गई।
राहुल गांधी ने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति से हाथ मिलाते हुए बातचीत शुरू की और जीवन, विचारों व अनुभवों को समझने में विशेष रुचि दिखाई।
जुजुत्सु प्रशिक्षण के दौरान भी राहुल गांधी एक साथी, शिक्षक और मार्गदर्शक की तरह सामने आए। नौटियाल ने कहा कि उस समय यह अहसास तक नहीं हुआ कि देश का एक बड़ा नेता उनके साथ खड़ा है।
उत्तराखंड को लेकर राहुल गांधी की गहरी समझ
गौतम नौटियाल के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उत्तराखंड के मुद्दों—बेरोज़गारी, पेपर लीक, युवाओं की समस्याएँ, इंडिगो फ्लाइट प्रकरण, तथा अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विषयों—पर बेहद गंभीरता से चर्चा की।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटों में आए भारी गिरावट के कारणों से लेकर आगे की रणनीति तक वार्ता व्यापक और सारगर्भित रही।
राहुल गांधी ने कहा—
“उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। निकम्मी सरकार द्वारा किए अन्याय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।”
गौतम नौटियाल ने कहा कि उन्हें यह देखकर सुखद आश्चर्य हुआ कि राहुल गांधी उत्तराखंड को केवल समझते ही नहीं, बल्कि उसे ‘महसूस’ भी करते हैं।
प्रेरणादायक बातचीत
सत्र के अंत में गौतम नौटियाल ने राहुल गांधी से कहा—
“मैं आया तो खाली था, लेकिन बहुत कुछ लेकर जा रहा हूँ।”
इस पर राहुल गांधी मुस्कुराए और बोले—
“आगे बढ़ते रहो, जनता को समझो, उनके प्रति समर्पित रहो… फिर मिलेंगे।”
उन्होंने नौटियाल का हाथ पकड़कर उनका मनोबल बढ़ाया और जन्मदिन पर विशेष शुभकामनाएँ भी दीं।
उत्तराखंड और ऋषिकेश के लिए गर्व का क्षण
गौतम नौटियाल ने कहा कि यह पल उनके लिए ही नहीं, बल्कि ऋषिकेश, उत्तराखंड और उनके परिवार के लिए भी गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से आए युवा के लिए यह सम्मान प्रेरणादायक है और वे इसे उत्तराखंड के हर मेहनतकश युवा को समर्पित करते हैं।
जनता के नाम संदेश
अंत में गौतम नौटियाल ने कहा—
“राजनीति का अर्थ कुर्सी नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, संवेदना और साहस है।
जनता से जुड़ाव ही एक नेता की असली ताकत है।
मैं आपके विश्वास का ऋणी हूँ। आपके सपने ही मेरा संकल्प हैं।
मैं उत्तराखंड के भविष्य की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।”
