धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

नागनाथ गढ़ी राजराजेश्वरी मंदिर में चैत्र नवरात्र पर नौ दिवसीय अनुष्ठान 19 से

 

पोखरी, 16 मार्च (राणा)। नागनाथ गढ़ी स्थित प्राचीन राजराजेश्वरी देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर 19 मार्च से 27 मार्च तक नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान एवं पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ मां राजराजेश्वरी भगवती की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
देवर और देवस्थान क्षेत्र के ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत, कोषाध्यक्ष त्रिलोचन प्रसाद सती, उपाध्यक्ष जितेन्द्र सती तथा सचिव शशि नेगी ने बताया कि नौ दिनों तक जौ की हरियाली स्थापित कर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना और पाठ किया जाएगा। दिन में नियमित पूजा-अर्चना तथा रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन होगा।
समिति ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से इस धार्मिक अनुष्ठान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
नागनाथ गढ़ी स्थित राजराजेश्वरी मंदिर समुद्र तल से लगभग 5500 फीट की ऊंचाई पर पुष्कर नामक पर्वत पर स्थित है। गढ़वाल की 52 गढ़ियों में यह स्थान नागपुर नागनाथ गढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है और धार्मिक ग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां कत्यूरी राजवंश का शासन था और यहां एक दुर्ग भी मौजूद था, जिसके अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं।
बताया जाता है कि गोरखा आक्रमण के समय इस क्षेत्र पर भी हमला हुआ था, जिसके बाद यह स्थान लंबे समय तक उपेक्षित रहा। बाद में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज तथा अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग पोखरी रेंज के कर्मचारियों के सहयोग से यहां राजराजेश्वरी देवी का मंदिर निर्मित किया गया। मंदिर के पुजारी नौठा गांव के सती परिवार से हैं।
नागनाथ स्वामी मंदिर से लगभग दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार करने के बाद गढ़ी स्थित इस मंदिर तक पहुंचा जाता है। मंदिर परिसर के चारों ओर प्राचीन दुर्ग के अवशेष और समतल भूमि मौजूद है। आसपास बांज, बुरांश सहित विभिन्न प्रकार के वृक्षों से आच्छादित जंगल इस स्थल की प्राकृतिक सुंदरता को और आकर्षक बनाते हैं। मंदिर के दाईं ओर से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के दर्शन होते हैं, जबकि दूसरी ओर गौचर क्षेत्र का विस्तृत मैदानी दृश्य दिखाई देता है। सामने से पोखरी बाजार का विहंगम दृश्य भी दिखाई देता है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!