क्षेत्रीय समाचार

जल्दी ही बागेश्वर और चमोली के बीच नया सड़क सम्पर्क खुलने वाला है

*हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट*
थराली 26 नवंबर। तो जल्द ही कुमाऊं के बागेश्वर एवं गढ़वाल के चमोली जिले के लिए यातायात एक नया विकल्प खुल जाएगा।इस सड़क के बन जाने से जहां प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर जाने वाले यात्रियों को तो लाभ मिलेगा ही वही बागेश्वर जिले के एक बड़े हिस्से के ग्रामीणों को राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल की यात्रा काफी अधिक सुगम हो जाएगी।

दरअसल विकास खंड देवाल के हरमल व झलिया गांव आज तक भी यातायात से पूरी तरह से वंचित पड़ें हुए हैं। मानमती गांव से चोटिग-हरमल-झलिया तक मोटर सड़क की कई वर्ष पूर्व राज्य सरकार के द्वारा राज्य योजना के अंतर्गत स्वीकृत दी थी, जिस पर 3-4 वर्ष पूर्व लोनिवि थराली ने पाट् फस्ट के तहत कार्य शुरू कर दिया था किंतु कार्य धीमी गति से चल रहा है, हालांकि चोटिंग गांव तक इस सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया हैं।

इसी बीच पिछले महिने फेज थोर्थ के तहत मानमती -चोटिंग-हरमल तक मोटर सड़क के नवनिर्माण को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत प्रदान कर दी है। स्वीकृति मिलने के साथ ही पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग डीविजन ने सर्वे का कार्य शुरू कर दिया हैं।

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चोटिग के क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश गड़िया, हरमल के पूर्व उपप्रधान बलवीर सिंह, हरीश गड़िया, हरमल मंमद की पूर्व अध्यक्ष तुलसी देवी आदि ने मानमती से चोटिंग तक पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी व थराली विधायक भूपाल राम टम्टा का आभार व्यक्त करने के साथ ही, सर्वे करने पहुंचे मुख्य सर्वेयर विपिन राणा के नेतृत्व करने वाली टीम का मानमती में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। क्षेपंस रमेश गड़िया ने बताया कि स्विकृत सड़क निर्माण के बाद होने के बाद बागेश्वर जिले के किल्पारा गांव एवं कुवारी गांव तक मिलने की संभावना काफी अधिक बढ़ गई हैं क्यूंकि बागेश्वर की ओर से दोनों गांव की गढ़वाल सीमा तक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका हैं। इन सड़कों के मिलान का जहां भारी लाभ देवाल क्षेत्र को तों होगा ही, वही बागेश्वर जिले के एक बड़े हिस्से के ग्रामीणों को राजधानी सहित गढ़वाल के अन्य हिस्सों में आने,जाने भी लाभ मिलेगा।इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर पर जाने वाले ट्रेकरों को भी काफी अधिक सुविधाएं मिलने के चलते दोनों क्षेत्रों में पर्यटन व्यवसाय काफी अधिक बढ़ जाएगा।

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पीएमजीएसवाई के तहत मानमती में हरमल तक फेज थोर्त के तहत स्वीकृति मिली हैं, सर्वे का काम शुरू कर दिया गया हैं, सर्वे के आधार पर आंगणन गठित कर टेंडर सहित अन्य प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।रही बात झलिया गांव की तों इस गांव की आबादी कम होने के कारण इस पीएमजीएसवाई में सामिल नही किया जा सका है, किंतु पहले ही राज्य योजना के तहत झलिया गांव तक सड़क की स्वीकृति मिली हुई हैं।हरमल तक निर्माण कार्य पूरा होते ही लोनिवि इस सड़क पर निर्णय कार्य शुरू कर सकता हैं।
प्रमोद गंगाड़ी
अधिशासी अभियंता
पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग।

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