Newsletter cover image SIP करते रहें या निकल जाएँ?

-Milind Khandekar-
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने X पर पोस्ट किया कि विदेशी निवेशक बेच रहे है जबकि भारतीय ख़रीद रहे हैं. अभी तक तो लग रहा है कि FII यानी विदेशी निवेशक स्मार्ट हैं. पिछले साल भर शेयर बाज़ार का डॉलर में रिटर्न ज़ीरो रहा है. हिसाब किताब में चर्चा शेयर बाज़ार के बारे में
उदय कोटक विदेशी निवेशकों को स्मार्ट कह रहे हैं क्योंकि उन्होंने इस साल में अब तक दो लाख करोड़ रुपये ज़्यादा के शेयर बेच दिए हैं जबकि भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड की SIP के ज़रिए अब तक क़रीब तीन लाख करोड़ रुपये लगा चुके हैं. भारतीय शेयर बाज़ार का रिटर्न 5% तक रहा है लेकिन रुपया गिरने के कारण विदेशी निवेशकों को रिटर्न ज़ीरो या निगेटिव हो गया है. विदेशी निवेशक जब शेयर बेचते हैं तो उन्हें वापस ले जाने के लिए रुपये देकर डॉलर ख़रीदने पड़ते हैं. इस वजह से रिटर्न ज़ीरो हो रहा है.
SIP से पैसा लगाने वाले निवेशकों में भी बेचैनी है ख़ास कर जिन्होंने साल भर पहले पैसे लगाने शुरू किए थे. लार्ज कैप स्कीम में रिटर्न 5% तक है जबकि मिड कैप और स्मॉलकैप में तो निगेटिव रिटर्न है. जिन्होंने दो या तीन साल पहले SIP शुरू किया था वो फिर भी फायदे में है.
फिर भी सवाल बना हुआ है कि शेयर बाज़ार में तेज़ी क्यों नहीं आ रही है?
सबसे बड़ा कारण है विदेशी निवेशकों की बिकवाली करना. विदेशी निवेशक को भारतीय शेयर अब भी महंगे लग रहे है Nifty का PE Ratio 22 के आसपास है यानी जिस शेयर को आप ख़रीद रहे है उसकी क़ीमत वसूल करने में अभी के मुनाफ़े के हिसाब से 22 साल लग जाएँगे.
विदेशी निवेशक को भारत में रिटर्न कम मिल रहा है जबकि अमेरिकी बाज़ार में 15-20% रिटर्न मिल रहा है. भारत के अलावा बाकी Emerging markets में रिटर्न 5 से 10% है . रुपये के गिरने से रिटर्न और कम हो गया है.
भारत और अमेरिका की ट्रेड डील फँसी हुई है.विदेशी निवेशकों को भी इसका इंतज़ार है. मुख्य आर्थिक सलाहकार ने पहले कहा था कि नवंबर में तक डील हो सकती है, अब वो मार्च की बात कर रहे हैं. बाज़ार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है, अगर आप SIP कर रहे हैं तो धीरज रखना पड़ेगा. यह लांग टर्म गेम है.
