करोड़ों लागत का पॉलिटेक्निक भवन अधूरा छोड़ गायब हो गया निर्माण निगम
-पोखरी से राजेश्वरी राणा –
कार्यदायी सस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम की लापरवाही के कारण पारतोली मे पालीटेक्निक का भवन 7 वर्षो से अधूरा पड़ा होने के कारण आवारा पशुओं का आश्रय बन गया है तथा या अधूरा भवन धीरे धीरे झाड़ियों में छिपता जा रहा है। भवन अधूरा रहने के कारण पॉलिटेक्निक कॉलेज 2014 से किराये के भवन में चल रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के लम्बे सघर्ष के बाद 2014 मे तहसील मुख्यालय पोखरी मे तीन ट्रेडों के साथ पालीटेक्निक कालेज स्वीकृत हुआ जिससे क्षेत्र के छात्र छात्राएं पालीटेक्निक की पढाई पूरी कर सरकारी सेवाओं मे नौकरी प्राप्त कर अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सके तथा देवर मे किराये के भवन में पालीटेक्निक कालेज की कक्षाये संचालित होने लगी। साथ ही सरकार द्बारा पालीटेक्निक कालेज भवन के निर्माण हेतू 3 करोड 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गये। वही उदयपुर के ग्रामीणों ने पारतोली मे कालेज भवन निर्माण हेतु अपनी 51 नाली नाप भूमि दान स्वरूप प्रदान की। शासन द्बारा पालीटेक्निक कालेज भवन निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को सौंपी गयी ।
कार्यदायी सस्था द्वारा 2015 में भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया तथा 2017 से भवन का निर्माण कार्य आधा अधूरा छोडा दिया गया । तबसे कार्यदायी सस्था का कोई अता-पता नहीं है तथा भवन के चारों ओर घास और कटीली झाडिया उग चुकी है । भवन के दरवाजे और खिड़कियां खराब हो चुकी है । यह लावारिश भवन आवारा पशुओं और जंगली जानवरों का अड्डा बना हुआ है । बार बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्बारा शासन प्रशासन के उच्चाधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराकर माग की गयी कि भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करवाया जाय। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही हुई और भवन का निर्माण कार्य आधा अधूरा ही पड़ा हुआ है । जिस कारण सरकारी सम्पत्ति वर्वाद हो रही है और पालीटेक्निक की कक्षाये देवर मे किराये के भवन मे ही संचालित हो रही है ।जबकि वर्तमान में पॉलिटेक्निक कॉलेज पोखरी में सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल तीन ट्रेड चल रहे हैं।इन तीनों ही ट्रेडों मे 150 छात्र छात्राएं अध्यनरत है ।
इधर किराये के भवन मे जगह की कमी के कारण वर्षात और जाड़ों के सीजन मे कक्षाये संचालित करने मे कालेज प्रशासन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।साथ ही छात्र छात्राओं को भारी परेशानियो से गुजरना पड़ता है ।
उदयपुर के ग्रामीण हरीश खाली, विनोद खाली, टीका प्रसाद खाली का कहना है कि ग्रामीणों ने कालेज भवन निर्माण हेतु अपनी 51 नाली नाप भूमि दान मे प्रदान की जिससे भवन मे कक्षाये संचालित हों तथा यहा के छात्र छात्राएं पालीटेक्निक की पढाई पूरी कर सरकारी नौकरी प्राप्त कर अपने वेहतर भविष्य का निर्माण कर सके। लेकिन कार्यदायी सस्था और शासन प्रशासन की लापरवाही ने ग्रामीणों के अरमानो पर पानी फेर दिया और पालीटेक्निक की कक्षाये प्राइवेट भवन में संचालित हो रही है ।
प्रमुख प्रीती भण्डारी, ज्येष्ठ प्रमुख पूरण नेगी, कनिष्ठ प्रमुख जयपाल विष्ट, प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह राणा,नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पत, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मयंक पत ,रौता के प्रधान बीरेंद्र राणा, कांग्रेस के ब्लांक अध्यक्ष सन्तोष चौधरी, पूर्व प्रमुख नरेन्द्र रावत, इन्द्रप्रकाश रडवाल,कुवर सिंह चौधरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राधा रानी रावत , सन्तोष नेगी, हर्षवर्धन चौहान,कुजासू के पूर्व प्रधान शिवराज राणा सहित तमाम क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्यदायी सस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के खिलाफ उच्च स्तरीय जाच कर कार्यवाही करने तथा पालीटेक्निक का भवन निर्माण कार्य शीग्र पूरा करवाने की माग की है ।
वही कालेज के प्रधानाचार्य जे एस कुवर से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि कालेज की कक्षाये देवर मे किरिये के प्राइवेट भवन मे संचालित हो रही है । कार्यदायी सस्था का कोई अता-पता नहीं है । फोटो संलग्न
