अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो बना दिया मगर सफाई की व्यवस्था न करने से गन्दगी का आलम
–गौचर से दिग्पाल गुसांईं –
जनपद चमोली के गौचर में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए भले ही भवनों का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया हो लेकिन सफाई कर्मचारी की नियुक्ति न होने से इन भवनों में गंदगी का वातावरण किसी छिपा हुआ नहीं है।
अलग राज्य बनने के बाद मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के शासनकाल में गौचर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए मुख्य चिकित्सालय भवन के अलावा आवासीय भवन के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। हालांकि वर्षों तक इन भवनों का निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। 2012 में पुनः कांग्रेस की सरकार आने के बाद तत्कालीन कर्णप्रयाग के विधायक स्वर्गीय डा अनशूया प्रसाद मैखुरी व तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी के अथक प्रयासों से इन भवनों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। हालांकि मानकों के आड़े आने की वजह से उच्चीकरण की कवायद अधर में लटकी रही। तब इस मामले में विपक्ष को राजनीतिक करने का खूब मौक़ा भी मिला 2017 के चुनाव में जनता ने कमान भाजपा के हाथों सौंप दी थी।तब इस चिकित्सालय का दर्जा घटाकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया था।जो आज भी बरकरार है। इसके अलावा गत वर्ष ट्रांजिट हास्टल के नाम से एक अतिरिक्त भवन का निर्माण किया गया।मातृ शिशु कल्याण केन्द्र का पुराना भवन भी इसी परिसर में है जहां हर बुधवार को शिशुओं का टीकाकरण किया जाता है। लेकिन दुखद पहलू यह है कि इन भवनों की सफाई व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। सफाई कर्मचारी का पद रिक्त होने की वजह से सप्ताह में एक बार कर्णप्रयाग से सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जाती है। इससे समझा जा सकता है कि चिकित्सालय जैसे भवनों की सफाई व्यवस्था कैसे होती होगी। मुख्य चिकित्सालय भवन में जहां कूड़ा बेतरतीब ढंग से पड़ा हुआ है वहीं पूरा भवन धूल से भी सना हुआ है। शौचालयों का तो और भी बुरा हाल है।इन दिनों हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के तहत जगह जगह लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है लेकिन ताजुब तो इस बात का है कि ऐसा प्रतीत होता है कि गौचर के चिकित्सालय की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील पंवार का कहना है चिकित्सालय जैसे संस्थान में सफाई कर्मचारी का पद रिक्त होना दुखद पहलू है सरकार को इस अव्यवस्था को गंभीरता से लेना चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए भले ही भवनों का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया हो लेकिन सफाई कर्मचारी की नियुक्ति न होने से इन भवनों में गंदगी का वातावरण किसी छिपा हुआ नहीं है।
अलग राज्य बनने के बाद मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के शासनकाल में गौचर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए मुख्य चिकित्सालय भवन के अलावा आवासीय भवन के निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। हालांकि वर्षों तक इन भवनों का निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। 2012 में पुनः कांग्रेस की सरकार आने के बाद तत्कालीन कर्णप्रयाग के विधायक स्वर्गीय डा अनशूया प्रसाद मैखुरी व तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी के अथक प्रयासों से इन भवनों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। हालांकि मानकों के आड़े आने की वजह से उच्चीकरण की कवायद अधर में लटकी रही। तब इस मामले में विपक्ष को राजनीतिक करने का खूब मौक़ा भी मिला 2017 के चुनाव में जनता ने कमान भाजपा के हाथों सौंप दी थी।तब इस चिकित्सालय का दर्जा घटाकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया था।जो आज भी बरकरार है। इसके अलावा गत वर्ष ट्रांजिट हास्टल के नाम से एक अतिरिक्त भवन का निर्माण किया गया।मातृ शिशु कल्याण केन्द्र का पुराना भवन भी इसी परिसर में है जहां हर बुधवार को शिशुओं का टीकाकरण किया जाता है। लेकिन दुखद पहलू यह है कि इन भवनों की सफाई व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। सफाई कर्मचारी का पद रिक्त होने की वजह से सप्ताह में एक बार कर्णप्रयाग से सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जाती है। इससे समझा जा सकता है कि चिकित्सालय जैसे भवनों की सफाई व्यवस्था कैसे होती होगी। मुख्य चिकित्सालय भवन में जहां कूड़ा बेतरतीब ढंग से पड़ा हुआ है वहीं पूरा भवन धूल से भी सना हुआ है। शौचालयों का तो और भी बुरा हाल है।इन दिनों हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के तहत जगह जगह लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है लेकिन ताजुब तो इस बात का है कि ऐसा प्रतीत होता है कि गौचर के चिकित्सालय की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील पंवार का कहना है चिकित्सालय जैसे संस्थान में सफाई कर्मचारी का पद रिक्त होना दुखद पहलू है सरकार को इस अव्यवस्था को गंभीरता से लेना चाहिए।
