टीएमयू नर्सिंग छात्रों को हार्ट अटैक से बचाव के लिए सीपीआर की ट्रेनिंग
दो दिवसीय वर्कशॉप में प्राथमिक चिकित्सा व आपातकालीन रिस्पांस का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
मुरादाबाद, 4 फरवरी। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग विभाग की ओर से प्राथमिक चिकित्सा एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) : हैंड्स-ऑन इमरजेंसी रिस्पांस विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नर्सिंग छात्रों को जीवन रक्षक सीपीआर तकनीक के साथ-साथ विभिन्न आपात परिस्थितियों में आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा का गहन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज की डीन प्रो. एस.पी. सुभाषिनी एवं प्रधानाचार्या डॉ. जेसलीन एम. द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग विभाग के विभागाध्यक्ष श्री जितेंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में सीपीआर की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन व्यक्तियों की अचानक हृदय गति रुक जाती है या जिन्हें हार्ट अटैक आता है, उनके जीवन को बचाने में सीपीआर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तकनीकी सत्र के दौरान डमी के माध्यम से सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके बाद नर्सिंग छात्रों एवं सफाई कर्मचारियों ने स्वयं इन तकनीकों का अभ्यास कर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को समझा।
प्राथमिक चिकित्सा सत्र में फैकल्टी श्री नफीस अहमद एवं ट्यूटर सुश्री मीनाक्षी गंगवार ने सांप के काटने, शीतदंश (ठंड से बचाव), कुत्ते के काटने, घाव, आंख में बाहरी वस्तु चले जाने तथा नाक से खून बहने (नकसीर) जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार के तरीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने प्राथमिक चिकित्सा में प्रयुक्त सामग्री का प्रदर्शन करते हुए इसके व्यावहारिक लाभों की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में एनएसएस समन्वयक श्री गौरव कुमार के साथ-साथ बीएससी एवं एमएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राएं तथा स्वीपिंग स्टाफ शामिल रहे। आयोजन में एनएसएस की भूमिका भी सराहनीय रही।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री करिश्मा सिंह ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
