उत्तराखंड के 9 सौ से अधिक प्रभारी प्रधानाचार्य सामूहिक इस्तीफा देंगे
-रिपोर्ट हरेंद्र बिष्ट-
थराली, 4 नवंबर। उत्तराखंड राज्य के 900 से अधिक स्कूल, कालेजों में लंबे समय से बिना किसी अतिरिक्त लाभ के प्रभारी प्रधानाचार्यों का दायित्व निभा रहे शिक्षक जल्द ही अपने प्रभारियों के पदों से सामुहिक त्याग पत्र दे कर केवल अपना मूल शैक्षणिक कार्य ही करेंगे।
प्रभारी प्रधानाचार्य संयोजक मंडल उत्तराखंड के संयोजक रमेश देवराड़ी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि राजकीय शिक्षक संगठन के आह्वान पर सभी ऐसे शिक्षक जो कि लंबे समय से बिना किसी अतिरिक्त लाभ के प्रभारी प्रधानाचार्यों का अतरिक्त दायित्व निभा रहे हैं, वे जल्द ही अतरिक्त दायित्व के पदों से त्यागपत्र दे कर केवल स्कूल कालेजों में शिक्षक के रूप में शैक्षणिक कार्य करेंगे।
कहा कि लंबे समय से प्रभारी प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ शिक्षक राज्य में प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों के पदों पर नियमित नियुक्ति की मांग करते आ रहे हैं परन्तु राज्य सरकार लंबे समय केवल उन्हें आश्वासन देते आ रही हैं और आश्वासनों पर किसी भी स्तर पर अमल होता नही दिख रहा हैं।
इसके अलावा प्रभारी प्रधानाचार्यों को वित्तीय आहरण वितरण सहित स्कूल, कालेजों के नीतिगत मामलों को निपटाने के लिए कोई भी अधिकार नही दिए गए हैं। जिसे कई बार प्रभारियों के सामने काफी विकट समस्या खड़ी हो जाती हैं। इसके अलावा कई स्कूल कालेजों में चपरासी एवं बाबू नही है जिससे कारण तमाम जरूरी कामों को निपटाने में प्रभारियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
संयोजक देवराड़ी ने सरकार से राज्य के सभी स्कूल कालेजों में पदोन्नति कर नियमित प्रधानाध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों की नियुक्ति करने की मांग की हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि प्रभारियों के सामुहिक त्याग पत्र के बाद कोई भी अन्य शिक्षक प्रभारी का दायित्व नही लेगा।
