राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा शक्ति को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया मंगल दलों का अभिनंदन

देहरादून, 12 जनवरी । मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड, देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों एवं युवक मंगल दलों को सम्मानित किया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये एवं 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
महिला मंगल दल धापला, नैनीताल को प्रथम, महिला मंगल दल सेमा, चमोली को द्वितीय तथा महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। वहीं युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली को प्रथम, युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल को द्वितीय तथा युवक मंगल दल चौडीराय, चम्पावत को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं एवं एन.एस.एस. अवार्ड विजेता युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 2 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद जी को नमन करते हुए कहा कि वे एक युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। शिकागो में दिए गए उनके ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया और साथ ही सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। स्वामी विवेकानंद को युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तकब तक आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवा शक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार कर सकती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर देश न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में भी स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया तथा नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तनों के कारण नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, जबकि कई पारंपरिक अवसर समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने भी उत्तराखंड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार द्वारा इन सभी स्थलों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
