जॉब्स के लिए केवल डिग्री या अंक ही पर्याप्त नहीं: कॉर्पोरेट एक्सपर्ट

मुरादाबाद, 31 जनवरी। एवीपीएन की टैलेंट एक्विज़िशन लीडर सुश्री दीप्ति वर्मा ने कहा कि कॉर्पोरेट जगत में चयन प्रक्रिया केवल डिग्री या अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि अभ्यर्थी के व्यावहारिक कौशल, सोचने की क्षमता, संवाद शैली और संगठनात्मक संस्कृति के साथ सामंजस्य पर भी निर्भर करती है। एचआर प्रोफेशनल्स उम्मीदवार को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि एक संभावनाशील पेशेवर के रूप में देखते हैं।
सुश्री वर्मा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डेवलपमेंट (सीटीएलडी) की ओर से आयोजित करियर टॉक्स—पाथवेज़ टू सक्सेस श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित विशेषज्ञ सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रही थीं। सत्र का विषय कॉर्पोरेट रेडिनेस तथा शीर्षक हाउ एचआर एक्चुअली हायर्स: द सीक्रेट सेलेक्शन टिप्स रहा।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्क्रीनिंग से लेकर अंतिम चयन तक रेज़्यूमे की प्रस्तुति, इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज और प्रश्नों के प्रति दृष्टिकोण की अहम भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कॉलेज जीवन के दौरान ही इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, स्वयंसेवी गतिविधियों, टीमवर्क और लीडरशिप अवसरों को गंभीरता से अपनाएं, क्योंकि यही अनुभव साक्षात्कार के समय उम्मीदवार को दूसरों से अलग पहचान दिलाते हैं।
सुश्री वर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि आज के कॉर्पोरेट परिवेश में अनुकूलन क्षमता, डिजिटल जागरूकता और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि करियर कोई दौड़ नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक यात्रा है, जिसमें सही दिशा, धैर्य और निरंतर प्रयास से ही सफलता प्राप्त होती है।
इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आर.के. द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। संचार कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यस्थल के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता और नैतिक मूल्यों की समझ ही विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट जगत में सफल बनाती है।
सीटीएलडी के निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि करियर टॉक्स श्रृंखला का उद्देश्य कक्षा में अर्जित ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे उद्योग–संवाद आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता सुश्री दीप्ति वर्मा, डीन प्रो. आर.के. द्विवेदी और सीटीएलडी निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। विशेषज्ञ सत्र में सीसीएसआईटी, टिमिट, लॉ, एग्रीकल्चर, फार्मेसी सहित विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और प्रश्न–उत्तर सत्र में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम में डॉ. जैस्मिन स्टीफन ने संयोजक तथा श्री प्रदीप पंवार ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई। संचालन सुश्री अन्वेषा सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मणि सारस्वत सहित अनेक शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अंत में डॉ. दिलीप दत्त वार्ष्णेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
