Front Page

पचास वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के जन्म प्रमाणपत्र न बनने से परेशानी

पोखरी, 3 नवंबर (राणा) ।   पचास वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों और महिलाओं के जन्म प्रमाणपत्र तहसील से जारी न होने के कारण लोग परेशान हैं।कई लोगों के सैन्य अभिलेखों (Military Records) में उनके बच्चों और पत्नियों के नाम तथा जन्म तिथि दर्ज हैं, लेकिन ये विवरण आधार कार्ड और पैन कार्ड में मेल नहीं खाते। इन दस्तावेजों में नामों की स्पेलिंग और जन्म तिथियों में भिन्नता पाई जा रही है। जबकि पारिवारिक लाभ प्राप्त करने के लिए सैन्य अभिलेखों, आधार कार्ड और पैन कार्ड — तीनों में एक समान नाम और जन्म तिथि दर्ज होना आवश्यक है।

पचास वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकांश पुरुष और महिलाएं अशिक्षित हैं, जिनके पास शिक्षा से संबंधित कोई प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनका स्थायी निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। बिना स्थायी निवास प्रमाणपत्र के आधार कार्ड में संशोधन भी संभव नहीं हो पाता। यह समस्या तब से बढ़ी है जब से सभी दस्तावेज ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ गए हैं।

इसी तरह का एक मामला पोखरी तहसील के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र सिमलासू के ग्राम सेरा की सीता देवी, पुत्री रत्न सिंह, का है। सीता देवी का ससुराल रुद्रप्रयाग जिले के कोठगी-भटवाड़ी में है। उन्होंने अपने मायके ग्राम सेरा (जनपद चमोली) से जन्म प्रमाणपत्र के लिए तीन महीने पूर्व आवेदन किया था।

सीता देवी की आयु की पुष्टि गाँव के उनसे अधिक उम्र के लोगों ने अपने आधार कार्ड संलग्न कर की। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की रिपोर्ट तहसील कार्यालय पहुँची और एसडीएम की संस्तुति के बाद विकास खंड से ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किया जाना था, किंतु अब तक तहसील से आदेश पास नहीं हुआ है।

इस संबंध में चमोली के उपजिलाधिकारी, जिनके पास पोखरी उपजिलाधिकारी का भी प्रभार है, का कहना है —

“इतने पुराने लोगों की जन्म तिथि की पुष्टि कौन अधिकारी या कर्मचारी करेगा? उन्हें अपने पेंशन दस्तावेज, खाता-खतौनी और परिवार रजिस्टर की नकल संलग्न कर स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाना चाहिए। इसके बाद ही आधार कार्ड और पैन कार्ड में नाम व जन्म तिथि का संशोधन कराया जा सकता है। तहसील से इतने पुराने जन्म प्रमाणपत्र जारी करना संभव नहीं है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!