खेल/मनोरंजन

“एहसास” – दून पुस्तकालय और शोध केंद्र में एक भावपूर्ण प्रस्तुति

 

नाटक के माध्यम से लिंग, अधिकार और सम्मान पर विचार

देहरादून, 15 अक्टूबर। दून पुस्तकालय और शोध केंद्र में आज “एहसास” नामक नाटक का मंचन किया गया, जिसे आसरा ट्रस्ट के छात्रों ने प्रस्तुत किया और प्रख्यात मल्टीमीडिया कठपुतली कलाकार रमलाल भट्ट के निर्देशन में तैयार किया गया।

यह नाटक लिंग, अधिकार और सम्मान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को छूता है और अपनी सरलता व सच्चाई के माध्यम से दर्शकों से गहरे स्तर पर जुड़ता है। “एहसास” को पहले नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दिवंगत त्रिपुरारी शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है, जहां इसे अपनी संवेदनशीलता और सामाजिक प्रासंगिकता के लिए व्यापक सराहना मिली थी।

दून पुस्तकालय और शोध केंद्र में हुआ यह मंचन डॉ. भूपेंद्र कुमार जोशी (भूषण) को समर्पित रहा, जिन्होंने शिक्षा, समुदाय सशक्तिकरण और उत्तराखंड में बौद्धिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पुस्तकालय को एक सक्रिय मंच में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्य कलाकारों में आराधना, शिवानी, भारती मनवाल, प्रियंशी छेत्री, सुरजीत सिंह, आयुष रतौड़ी, शिशित चौहान और हिमांशु रावत शामिल थे, जिन्होंने अपनी अभिव्यक्ति और संवेदनशील अभिनय से दर्शकों को भावनात्मक रूप से छू लिया।

प्रस्तुति के उपरांत रमलाल भट्ट ने कहा,

“जिस तरह अर्थशास्त्र, धन, बाज़ार और मनोरंजन मानव समाज का हिस्सा हैं — उसी तरह रंगमंच भी हमारी सामाजिक चेतना और अनुभव का अभिन्न अंग है।”

कार्यक्रम में 90 से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें आसरा ट्रस्ट और हिम ज्योति स्कूल के छात्र, डॉ. जोशी के मित्र व सहयोगी, और स्थानीय पुस्तकप्रेमी शामिल थे। प्रस्तुति के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया में ताली और सोच-विचार की चुप्पी दोनों देखने को मिलीं — जिसने इस कार्यक्रम को एक साझा उद्देश्य और भाव का स्वरूप दिया।

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