पोखरी में बीडीओ के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का बढ़ता रोष, स्थानांतरण आदेश को ठेंगा

पोखरी, 18 अगस्त (राणा)।स्थानांतरण आदेश जारी हुए दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पोखरी विकासखंड में तैनात खंड विकास अधिकारी अब तक अपने नए तैनाती स्थल पर नहीं गए हैं। इससे न केवल सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ रही हैं बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी भी है।
जानकारी के अनुसार पोखरी विकासखंड में तैनात राजेंद्र सिंह बिष्ट वास्तव में खंड विकास अधिकारी नहीं बल्कि एडीओ हैं, जो

‘जुगाड़’ से बीडीओ की कुर्सी पर जमे हुए हैं। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्राम प्रधानों ने उनके खिलाफ प्रशासन को लिखित शिकायतें भेजी हैं। उन पर आरोप है कि वे ग्राम प्रधानों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं और ग्राम स्तर के कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ग्रामीणों को भड़काते हैं।
ग्राम्य विकास आयुक्त अनुराधा पाल ने जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को संज्ञान में लेकर इसी वर्ष 10 जून को प्रदेश के 19 खंड विकास अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया था, जिसमें राजेंद्र बिष्ट का तबादला हरिद्वार जनपद के बहादराबाद में कर दिया गया। लेकिन आदेश जारी होने के दो महीने बाद भी वे पोखरी से जाने को तैयार नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार बिष्ट लगातार शासन स्तर पर अपने स्थानांतरण को रुकवाने की कोशिश में जुटे हैं और उन्हें सत्ता व शासन में बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी प्राप्त है। यही कारण है कि उन्होंने खुलेआम आदेशों को ठेंगा दिखाकर कुर्सी से चिपके रहने का रास्ता चुन लिया है।
इस रवैये से नाराज जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से यहां पूर्णकालिक और निष्पक्ष बीडीओ की मांग कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार की कमजोरी और अधिकारियों की पकड़ के चलते पोखरी विकासखंड के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

