क्राइम

पौड़ी में जितेंद्र नेगी आत्महत्या कांड: भाजपा युवा मोर्चा नेता हिमांशु चमोली समेत पांच गिरफ्तार

पौड़ी गढ़वाल, 22 अगस्त : उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। तलसारी गांव निवासी 32 वर्षीय जितेंद्र कुमार नेगी ने अपनी कार में 12 बोर की सिंगल बैरल बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले जितेंद्र ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली सहित अन्य लोगों पर जमीन सौदे में धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया।

आरोपों ने मचाई सनसनी

देहरादून के भानियावाला में प्रॉपर्टी डीलिंग का व्यवसाय करने वाले जितेंद्र ने अपने वीडियो में दावा किया कि हिमांशु चमोली और उनके सहयोगियों ने जमीन के सौदे में उनसे पैसे हड़पे और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिमांशु ने मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के नाम का दुरुपयोग कर पैसे लिए। पुलिस के अनुसार, घटना के समय जितेंद्र की कार में चढ़ीगांव निवासी भगवान सिंह और क्वीराली निवासी सौरभ सिंह भी मौजूद थे। आत्महत्या में प्रयुक्त बंदूक खिर्सू ब्लॉक के थापला निवासी ठाकुर सिंह के नाम पर लाइसेंस प्राप्त थी।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

जितेंद्र के पिता सतीश चंद्र की तहरीर पर पौड़ी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हिमांशु चमोली, शुभम खंडूड़ी, गौरव कांबोज, अभिषेक गैरोला और विकास शाह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। सभी आरोपियों को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लोकेश्वर सिंह ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं, और कोतवाली पौड़ी के प्रभारी कमलेश शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आत्महत्या में प्रयुक्त हथियार जितेंद्र के पास कैसे पहुंचा।

भाजपा ने हटाया हिमांशु को

घटना के बाद भाजपा युवा मोर्चा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिमांशु चमोली को प्रदेश मंत्री के पद से हटा दिया। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संगठन इस मामले में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतेगा।

सामाजिक और राजनीतिक हलचल

जितेंद्र के वीडियो में लगाए गए आरोपों ने उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक उबाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। कई यूजर्स ने कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने मुख्यमंत्री के ओएसडी के नाम पर पैसे लेने के दावों की गहन जांच की मांग की है।

परिवार में शोक की लहर

जितेंद्र की आत्महत्या ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डुबो दिया है। उनके पिता सतीश चंद्र ने आरोपियों पर उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल पौड़ी में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।

जांच में क्या सामने आएगा?

पुलिस इस मामले में वित्तीय लेनदेन, हथियार की उत्पत्ति और वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की गहन जांच कर रही है। यह घटना उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और सामाजिक विश्वास की चुनौतियों को उजागर करती है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले में कठोर और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

(जारी जांच के आधार पर और विवरण सामने आ सकते हैं।)

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