बजट सत्र के मद्देनजर छावनी में तब्दील हुआ भराड़ीसैंण

पुलिस ने की किलेबंदी, पास नहीं फटक पाए प्रदर्शनकारी
–महिपाल गुसाईं-
भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 9 मार्च ।उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन सुरक्षा के दृष्टिगत चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा पिछले अनुभवों के मद्देनजर व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले सुरक्षा रिहर्सल के उपरांत *अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड डॉ. वी. मुरूगेशन* द्वारा सत्र ड्यूटी में नियुक्त समस्त राजपत्रित अधिकारियों की डी-ब्रीफिंग ली गई।
डी-ब्रीफिंग के दौरान सभी सेक्टर प्रभारियों, जोनल अधिकारियों तथा ड्यूटी प्रभारियों से विस्तृत फीडबैक लिया गया तथा ड्यूटी के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों, व्यवस्थाओं एवं समन्वय से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्राप्त सुझावों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, हेलीपैड सुरक्षा, पार्किंग प्रबंधन, रूट ड्यूटी, अग्निशमन व्यवस्था तथा आपातकालीन रिस्पॉन्स से संबंधित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी टीमें आपसी समन्वय बनाए रखते हुए पूरी सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विधानसभा परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई है। साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। संभावित विरोध-प्रदर्शन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त यातायात को सुचारू बनाए रखने तथा पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सत्र के पहले दिन पुलिस इस कदर मुस्तैद दिखी कि दिवाली खाल में यूकेडी के धरना प्रदर्शन के अलावा कोई नहीं दिखा। वहां भी पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी, इस कारण कोई भी प्रदर्शनकारी पास नहीं फटका।
पिछले सत्र के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तू डाल डाल, मैं पात पात की नौबत भी आई थी, तब पुलिस को खासा पसीना बहाना पड़ा था। लग रहा है कि इस बार पुलिस व्यवस्था में किसी तरह की चूक न करने के लिए कमर कसे हुए है। इसी कारण भराड़ीसैंण की किलेबंदी कर इसे छावनी में तब्दील किया गया है।
