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बद्रीनाथ के कपाट मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद हो जाएंगे

बदरीनाथ, 24 नवंबर (कपरूवाण)।भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद हो जाएंगे।बदरीनाथ धाम के शीतकाल हेतु कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाएं शुक्रवार, 21 नवंबर से प्रारंभ हो चुकी हैं। इस क्रम में चौथे दिन माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग अर्पित किया गया तथा माता को श्री बदरीनाथ मंदिर में पधारने का आमंत्रण दिया गया।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने धाम में कपाट बंद करने की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बीकेटीसी की ओर से सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दानीदाताओं के सहयोग से मंदिर को 12 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है, और कपाट बंद होने से पहले सभी सजावट पूर्ण कर ली जाएगी।

द्विवेदी ने बताया कि कपाट बंद होने के अवसर पर विशिष्ट अतिथियों का आगमन लगातार जारी है। सोमवार को भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए।

सोमवार को माता लक्ष्मी मंदिर में सम्पन्न पूजा-अर्चना और आमंत्रण कार्यक्रम में रावल अमरनाथ नंबूदरी, माता लक्ष्मी मंदिर के पुजारीगण, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदोलिया ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कपरूवाण, कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय थपलियाल, सदस्य महेंद्र शर्मा, देवीप्रसाद देवली, धीरज मोनू पंचभैया, प्रह्लाद पुष्पवान, दिनेश डोभाल, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, नीलम पुरी, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, केदार रावत और विकास सनवाल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए जाएंगे।

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