राष्ट्रपति मुर्मू 2 नवंबर को पहुंचेंगी उत्तराखंड, 3 को रजत जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र को करेंगी संबोधित
देहरादून, 1 नवंबर। उत्तराखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस (रजत जयंती) के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रही हैं। उनका आगमन 2 नवंबर को होगा। इस दौरान वे हरिद्वार में एक दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और देहरादून में रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन यानी 3 नवंबर को वे उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के विकास, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित होगा।
यह यात्रा राज्य सरकार द्वारा आयोजित 1 से 11 नवंबर तक चलने वाले 11 दिवसीय रजत जयंती उत्सव का हिस्सा है, जिसमें सांस्कृतिक, विकासात्मक और सामुदायिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शामिल है।
🔹 राष्ट्रपति मुर्मू का विस्तृत कार्यक्रमति थि कार्यक्रम स्थान
2 नवंबर – हरिद्वार में दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी।<br>- देहरादून पहुंचकर राष्ट्रपति निकेतन में रात्रि विश्राम। हरिद्वार / देहरादून
3 नवंबर – उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करना।<br>- राज्य के विकास, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की योजनाओं पर व्याख्यान।<br>- राष्ट्रपति निकेतन में हॉर्स राइडिंग एरीना और फुट ओवर ब्रिज का उद्घाटन। देहरादून
4 नवंबर – कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के 20वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति।<br>- दिल्ली के लिए प्रस्थान। नैनीताल
इस कार्यक्रम को राष्ट्रपति सचिवालय और राज्य सरकार के बीच समन्वय से अंतिम रूप दिया गया है। पूर्व में 5 नवंबर तक की संभावित तिथियां विचाराधीन थीं, जिन्हें अब संशोधित कर 2 से 4 नवंबर तक तय किया गया है।
🔹 यात्रा का महत्व और पृष्ठभूमि
उत्तराखंड का स्थापना दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है, जब वर्ष 2000 में यह राज्य अस्तित्व में आया था। इस वर्ष की रजत जयंती पर राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक आयोजन, विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और जनसहभागिता वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू का विधानसभा सत्र में संबोधन राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके भाषण में राज्य की प्रगति, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी विकास जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा होने की संभावना है।
🔹 राष्ट्रपति निकेतन और विकास परियोजनाएं
राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन और तपोवन परिसर से जुड़ी नई परियोजनाओं पर भी फोकस रहेगा।
जून 2025 में राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का उद्घाटन किया जा चुका है, जो अब पर्यटकों के बीच लोकप्रिय स्थल बन चुके हैं।
🔹 तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
राष्ट्रपति सचिवालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने 27-28 अक्टूबर को देहरादून में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह को सुरक्षा प्रबंधों और निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
पारंपरिक पर्वतीय शैली में तैयार फुट ओवर ब्रिज और हॉर्स राइडिंग एरीना के कार्य समय पर पूरे किए जा रहे हैं।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर विधानसभा और राष्ट्रपति निकेतन तक सुरक्षा का बहुस्तरीय घेरा रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रजत जयंती समारोह में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को प्रदर्शित करेगा।
🔹 अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 9 नवंबर को देहरादून में मुख्य समारोह में भाग लेंगे (पहले यह 11 नवंबर प्रस्तावित था)।
स्पर्श हिमालय महोत्सव (3 से 5 नवंबर, देहरादून) में भी राष्ट्रपति मुर्मू को आमंत्रित किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा भाजपा सरकार के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह 2027 विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के विकास और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर देगा।
