मोदी ने डबल इंजन के लाभ गिना कर किया चुनावी शंखनाद

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देहरादून,4 दिसम्बर (उ.हि.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शनिवार को यहां डबल इंजन की ताकत से इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने और पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी को अकारथ बहने न देने के वायदे के साथ ही 2022 के विधानसभा चुनाव के लिये शंखनाद कर दिया।  मोदी ने कांग्रेस पर भी व्यंग किया कि जो देश भर में विखर गये हो वे प्रदेश को क्या संभालेंगे।

1 लाख करोड़ की विकास योजनाएं मिल गयी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देहरादून के ऐतिहासकि परेड मैदान में एक विशान जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि कुछ लोग हमारे डबल इंजन के संकल्प का मखौल उड़ाते थे लेकिन हमने उत्तराखण्ड के विकास की गंगा बहा कर डबल इंजन की सरकार के महत्व को साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन का ही नतीजा है कि पिछले 5 सालों में उत्तराखण्ड को 1 लाख करोड़ की विकास योजनाएं मिल गयी है। आने वाले पांच साल उत्तराखंड को रजत जयंती की तरफ ले जाने वाले हैं। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता। ऐसा कोई संकल्प नहीं जो इस देवभूमि में सिद्ध नहीं हो सकता। आपके पास धामी जी के रूप में युवा नेतृत्व में उनकी अनुभवी टीम भी है। हमारे पास वरिष्ठ नेताओं की बहुत बड़ी श्रंखला है। उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित है।

परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी

प्रधानमंत्री मोदी ने गढ़वाली में अपने संबोधन की शुरुआत की। कहा- उत्तराखंड का सभी दाणा सयानो, दीदी भूलियो, चची और भय बहणों, आप सभी छ मेरा प्रणाम। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इन्हें धरातल पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया गया है। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत व अनेक प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये दिन आया है। मैंने केदारपुरी के बाद देहरादून से दोहरा रहा हूं। ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी। जो लोग पूछते हैं कि डबल इंजन की सरकार का क्या फायदा है, वह देख सकते हैं, कैसे ये सरकार विकास की गंगा बहा रही है। उत्तराखंड में करोड़ों एलईडी बल्ब दिए गए। आज हर घर मे एलईडी बल्ब इस्तेमाल हो रहे हैं। हमने मोबाइल फोन, इंटरनेट सस्ता किया। गांव में कॉमन सर्विस सेंटर खुलवाए।

2007 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 600 करोड़ रुपये के केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। जबकि हमारी सरकार ने अपने 7 वर्षों में उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये के 2,000 किलोमीटर से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। कोरोनकाल में उत्तराखंड में 50 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। आज प्रदेश मे नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पांच साल पहले मैंने कहा था, जो कहा था, उसको याद करने की ताकत राजनेताओं में जरा कम होती है। मुझमें है। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली। एक समय पहाड़ पर रहने वाले लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना ही देखते थे। हमें कब सड़क मिलेगी, बिजली मिलेगी, कब स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, लेकिन जब कुछ करने का जुनून हो तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है। आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती की लोग समस्या लेकर आएंगे। आज सरकार सीधे नागरिकों के पास जाती है। एक समय था कि उत्तराखंड में सवा लाख घरों में नल से जल पहुंचता था। आज सात लाख से ज्यादा घरों में जल पहुंच रहा है। पूर्व की सरकारों ने हर स्तर पर सेनाओं को निराश करने की कसम खाई हुई थी लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आती

10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ पहुंचे

प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि में श्रद्धालु भी आते हैं। उद्यमी भी आते हैं। प्रकृति प्रेमी सैलानी भी आते हैं। इसजलिए यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व काम किया जा रहा । ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत आज चारधाम यात्रा आसान हो रही है। केदारनाथ त्रासदी से पहले 2012 में 5,70,000 लोगों ने दर्शन किया था और यह उस समय का एक रिकॉर्ड था। जबकि कोरोना कॉल शुरू होने से पहले 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे।

मोदी ने कांग्रेस पर भी किया व्यंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर भी व्यंग किया कि जो देश भर में विखर गये हो वे प्रदेश को क्या संभालेंगे।समय के साथ हमारे देश की राजनीति में कईं विकृतियां आ गई हैं। कुछ राजनीतिक दल समाज मे किसी खास धर्म, जाति या अपने इलाके की तरफ ध्यान देते हैं। उसमें उन्हें वोटबैंक नजर आता है। इन दलों ने एक और तरीका अपनाया है। जनता को मजबूत नहीं होने देना। वह चाहते रहे कि जनता हमेशा मजबूर बनी रहे। जनता को अपना मोहताज बनाओ, ताकि उनका ताज महफूज रहे। उन दलों के सभी प्रयास इसी दिशा में हुए। हमने एक नया रास्ता चुना है, वह मार्ग कठिन है लेकिन देशहित में है। सबका साथ, सबका विकास हमारा मार्ग है। हम जो भी योजना लाएंगे, सबके लिए लाएंगे। बिना भेदभाव के लाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दस साल में देश मे जो घोटाले हुए, उसकी भरपाई के लिए हम दोगुनी रफ्तार से काम कर रहे हैं। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति दोगुनी तेजी से काम करने की है। 21वीं सदी के इस कालखंड में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है जो भारत को विकसित देशों की संख्या में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

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