पत्रकारों को बदनाम करने के विरोध में हुआ देहरादून में प्रदर्शन
धामी सरकार में लगाये ट्रोलर्स का शह देने के आरोप
देहारादून, 19 अक्टूबर। जनता की आवाज उठाने और सरकार से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को सोशल मीडिया पर बदनाम करने के प्रयासों के विरोध में देहरादून के जनसंगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने गांधी पार्क में प्रदर्शन किया और धामी सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वे ट्रोलरों को शह दे रहे हैं।

यह प्रदर्शन पत्रकार त्रिलोचन भट्ट और राहुल कोटियाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किये जाने के खिलाफ किया गया था। प्रदर्शन में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के खिलाफ किये जा रहे दुष्प्रचार की भी कड़ी निन्दा की गई, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को बदनाम करने के लिए ट्रोलरों की फौज पैदा करने में कहीं न कहीं अधिकारी भी शामिल रहे हैं, वे अब अधिकारियों के लिए भस्मासुर बन रहे हैं।
प्रदर्शन में त्रिलोचन भट्ट ने अपने खिलाफ किये गये दुष्प्रचार के कारण उन्हें होने वाली परेशानी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नक्सली और देशद्रोही कहा गया, यदि उनके खिलाफ इस तरह के सबूत सरकार के पास हैं तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? और यदि नहीं हैं तो फिर इस तरह का दुष्प्रचार करने वालों पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक सरकार से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को ट्रोल कर रहे थे, वे अब सूचना महानिदेशक को भी ट्रोल करने लगे हैं, दरअसल वे अब भस्मासुर की भूमिका में आ गये हैं।
राहुल कोटियाल देहरादून में मौजूद नहीं थे। लेकिन उन्होंने अपना वक्तव्य भेजा था, जिसे पढ़कर सुनाया गया। उन्होंने इस दौरान हुई मानसिक परेशानी के बारे में बताया और कहा कि इस तरह की बातों से वे डरने वाले नहीं हैं। वे सरकार से सवाल पूछते रहेंगे। इस दौरान कई अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बात रखी और दोनों पत्रकारों के साथ ही सूचना महानिदेशक कें खिलाफ झूठ फैलाने का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि यह नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला है। इस तरह के हमलों का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में पूर्व आईएएस एसएस पांगती, सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के मोहित डिमरी, कांग्रेस की सुजाता पॉल, सामाजिक कार्यकर्ता पावेल आदि ने भी अपनी बात रखी। इंद्रेश मैखुरी और सतीश धौलाखंडी के जनगीत गाये। कार्यक्रम का संचालन कमला पंत ने किया।
प्रदर्शन में समर भंडारी, नन्द नन्दन पांडेय, निर्मला बिष्ट, पद्मा गुप्ता, विमला कोली, लुशुन टोडरिया, प्रदीप पंत, शिवानी पांडेय, सचिन रावत, प्रो. राघवेन्द्र, एन रमना, तुषार रावत, हरिओम पाली, समदर्शी बड़थ्वाल, जगमोहन मेहंदीरत्ता, नीलेश राठी, अखिलेश डिमरी, शिव प्रसाद सती, सौरभ यादव, अजित राठी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

