विश्व अमूर्त धरोहर रम्माण का पणजी-गोवा में शानदार मंचन

ज्योतिर्मठ, 15 दिसंबर (कफरुवाण)सीमांत जिला चमोली के पैनखंडा जोशीमठ की “रम्माण”का पणजी-गोवा मे शानदार मंचन हुआ। रविवार को हुए आयोजन मे सम्मलित होने के लिए रम्माण की धरती सलूड़-डुंग्रा से पहुंचे तीस सदस्यीय दल ने नृत्य द्वारा रामलीला मंचन की अनूठी परम्परा का प्रदर्शन कर देश विदेश से पहुंचे मेहमानों, कलाकारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
रविवार को पणजी( गोवा) के कला अकादमी सभागार में सरेन्डिपिटी कार्यक्रम के अन्तर्गत विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण सलूड़ -डुंग्रा ज्योतिर्मठ का शानदार मंचन सम्पन्न हुआ।
सरेन्डिपिटी आर्ट फाउंडेशन के आमंत्रण पर विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण सलूड़ -डुंग्रा, पैनखण्डा का तीस सदस्यीय कलाकारों का दल रम्माण के संयोजक डा. कुशल भण्डारी के नेतृत्व में गोवा पहुंचा है।
डाo भण्डारी ने दूरभाष पर बताया कि रविवार 14 दिसम्बर की सायं को पणजी स्थिति कला अकादमी के प्रांगण में सैकड़ों कलाप्रेमी दर्शकों, शोध कर्ताओं तथा छायाकारों की उपस्थिति में विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण सलूड़ -डुंग्रा पैनखण्डा का शानदार मंचन किया गया। उपस्थित दर्शकों द्वारा कलाकारों का उत्साह वर्धन तथा आयोजकों द्वारा कलाकारों का सम्मान किया गया। प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री गीता चन्द्रन ने कार्यक्रम की शुरुआत की ।
पैनखंडा से पहुंचे इस दल में मुख्य रूप से अध्यक्ष शरतसिंह बंगारी, भगत सिंह, दिनेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, भरत सिंह,दिलवर सिंह प्रदीप बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
