Front Pageआपदा/दुर्घटना

धराली, थराली की तर्ज पर पौड़ी को भी राहत पैकेज

 

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणा
  • पूर्णतः क्षतिग्रस्त भवनों के लिए मिलेंगे पांच लाख रुपये
  • मृतकों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता

देहरादून, 26 अगस्त। पौड़ी जनपद में दिनांक 06 अगस्त को घटित आपदा के प्रभावितों को धराली और थराली की तर्ज पर राहत पैकेज प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपदा में जिन लोगों के आवास पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसी प्रकार, मृतकों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसमें से जो राशि राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानकों के अनुरूप होगी, वह SDRF मद से दी जाएगी, जबकि शेष राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए आपदा प्रभावितों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावितों के साथ हर संभव सहयोग के साथ खड़ी है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को आयोजित आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया।
उल्लेखनीय है कि 06 अगस्त को तहसील पौड़ी अंतर्गत ग्राम सैंजी (पट्टी बाली कंडारस्यूं) तथा ग्राम रैदुल (पट्टी पैडुलस्यूं) में अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ था, जिससे आवासीय भवनों एवं कृषि भूमि को व्यापक क्षति पहुंची। मुख्यमंत्री श्री धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर आश्रय प्रदान किया गया तथा भोजन, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित क्षेत्र — चाहे वह धराली हो, थराली, स्यानाचट्टी या पौड़ी — में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित कर रही है। उन्होंने उत्तरकाशी, चमोली और पौड़ी के जिलाधिकारियों द्वारा आपदा प्रबंधन के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि प्रभावितों के बेहतर से बेहतर पुनर्वास के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। केंद्र सरकार भी राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।


थराली और पौड़ी भेजी जाएगी विशेषज्ञों की टीम

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली में 22 अगस्त को घटित आपदा के कारणों की विस्तृत जांच हेतु विशेषज्ञों की एक टीम भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धराली की तर्ज पर थराली में भी आपदा के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाना आवश्यक है ताकि यह समझा जा सके कि हिमालयी क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं क्यों बार-बार हो रही हैं, और जलप्रवाह के साथ भारी मात्रा में मलबा कैसे बहकर आ रहा है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (रुड़की), उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, केंद्रीय जल आयोग तथा सिंचाई विभाग के विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम शीघ्र ही थराली का दौरा करेगी। इस संबंध में अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप द्वारा संबंधित संस्थानों को मंगलवार को पत्र प्रेषित किया गया है।

विशेषज्ञ दल नगर पंचायत थराली के राडीबगड़ क्षेत्र, तहसील कार्यालय परिसर, कोटडीप, थराली बाजार, चौपडों और सगवाडा क्षेत्रों में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारणों का अध्ययन करेगा तथा प्रभावी न्यूनीकरण उपायों की सिफारिश करेगा। सभी संस्थानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने संस्थान से एक-एक विशेषज्ञ नामित कर जिलाधिकारी, चमोली को शीघ्र रिपोर्ट करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!